आर्थिक तंगहाली से गुजर रहा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) मोहान रोड और प्रबंध नगर योजना के जरिये शहर में 25000 करोड़ रुपये से विकास कार्य करेगा। इसकी रूपरेखा तय की जा रही है। करीब 3000 एकड़ भूमि शुरुआती दौर में लेकर डवलपमेंट शुरू किया जाएगा।
इसमें करीब 800 एकड़ की ग्रीन बेल्ट को प्रबंध नगर में विकसित किया जाएगा। इसको विशाल पार्क का रूप दिया जाएगा। दूसरी ओर मोहान रोड में एलडीए के लिए बड़ी खुशखबरी है। 1600 में से ज्यादातर किसानों ने मुआवजा लेने पर हामी भर दी है। कई ने मुआवजा ले भी लिया है।
मार्च में यहां एलडीए कब्जा लेना भी शुरू कर देगा। इन दोनों स्कीमों में आवासों और भूमि की नीलामी के जरिये एलडीए ने 25000 करोड़ रुपये के लाभ का खाका तय किया है। जिससे शहर भर में अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। प्राधिकरण की माली हालत बेहतर नहीं है,लिहाजा इन दोनों स्कीमों से उसे खासी उम्मीद है।
एलडीए की आईआईएम रोड की प्रबंध नगर स्कीम में बाढ़ बचाव के उपायों के साथ विकास का आगाज होगा। इसमें सबसे पहले बांध निर्माण और हाइड्रोलिक सर्वे को लेकर एजेंसी का चयन हो गया है। यहां सबसे पहले 850 एकड़ ग्रीन बेल्ट की भूमि पर एक विशाल पार्क की परिकल्पना की जा रही है।
इस कॉलोनी के कुल 1400 एकड़ में से 100 एकड़ को एलडीए अपने कब्जे में ले चुका है। प्रबंध नगर के किसानों के साथ एक हिस्से पर समझौता होने और करीब 100 एकड़ भूमि पर कब्जा भी हो जाने की बात प्राधिकरण की ओर से कही जा रही है। इस आशय का दावा प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह भी कर चुके हैं।
यहां 840 हेक्टयेर भूमि है। फेज-1 (650 एकड़) की 70 फीसदी भूमि ही ग्रीन है। बाकी फेज-2 और फेज-3 (1400 एकड़) की सारी जमीन रिहायशी लैंडयूज वाली ही है। कुल 2050 एकड़ भूमि जिसके लिए धारा-4 और धारा-6 का प्रकाशन किया जा चुका है।