एलडीए राजधानी के लोगों को आवास देने में नाकाम हो चुका है। इस बार उसने करीब 1000 लोगों का आशियाने का सपने को चूर करते हुए 350 फ्लैटों की सहज आवासीय स्कीम दो उपयोजनाओं को खत्म कर दिया है।
बसंत कुंज और विकल्प खंड में सहज आवासीय योजना का निर्माण नहीं किया जाएगा। इन दोनों स्कीमों में करीब 1000 आवेदनकर्ता हैं। इन्हें पैसे लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एलडीए ने लोगों से अपने बैंक एकाउंट की डिटेल के साथ आवेदन करने को कहा है, जिससे उनके पैसे सीधे एकाउंट में डाले जा सके।
जमा धन पर प्राधिकरण चार फीसदी सालाना की दर से ब्याज देगा। लगभग 7.5 करोड़ रुपये चार साल के ब्याज के साथ एलडीए आवंटियों को वापस करेगा। प्राधिकरण की जमीन पर विवाद के कारण इस आवासीय स्कीम में लोगों का धन करीब चार साल तक फंसा रहा और अब रिफंड शुरू किया गया है।
4 साल पहले शुरू हुई थी योजना
2011 में सुलभ आवासीय स्कीम की तर्ज पर सहज आवासीय स्कीम शुरू की गई थी। जिसमें करीब 650 वर्ग फीट के फ्लैट प्राधिकरण 16 लाख रुपये कीमत में आवंटित कर रहा था। जब पंजीकरण शुरू हुआ तब, बसंत कुंज में 248, विकल्प खंड गोमती नगर में 96, कानपुर रोड पर 42 और गोमती नगर विस्तार में 111 फ्लैटों की स्कीम थी।
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि रिफंड शुरू कर दिया गया है। आवंटी प्राधिकरण के संपत्ति विभाग में संपर्क कर आवेदन करें। एकाउंट नंबर और आईएफएसई कोड उपलब्ध कराएं। ब्याज सहित उनका रिफंड एकाउंट में कर दिया जाएगा।
प्राधिकरण के नियम के मुताबिक किसी योजना में अगर छह माह का समय बीत चुका है और एलडीए उसे खत्म कर रहा है तो आवेदकों को जमा धन पर चार फीसदी सालाना की दर से ब्याज मिलता है। सहज आवासीय स्कीम में भी इसी आधार पर धन वापसी की जा रही है। सहज स्कीम चार साल पहले की है, इसलिए साढ़े तीन साल का ब्याज मिलेगा।
अगर कोई स्कीम प्राधिकरण खुद खत्म करता है, तो हम सामान्य ब्याज दर (चार फीसदी वार्षिक) पर धन वापसी करते हैं। बशर्ते स्कीम खत्म करने और लॉन्चिंग के बीच छह महीने से अधिक का समय हो गया हो।
-डॉ. मोहन यादव, वित्त नियंत्रक, लविप्रा