दो लाख लोगों को आशियाना देने के लिए एलडीए दो नई योजनाओं पर काम शुरू कर चुका है। यह दो योजनाएं बख्शी का तालाब (बीकेटी) और सुल्लानपुर रोड पर विकसित की जाएंगीं।
दोनों योजनाओं के लिए जमीन लेने के लिए आम सहमति से मुआवजा तय किया जाएगा। अभी तक नई भू-अधिग्रहण नीति की वजह से योजनाओं से दूरी बना रहे एलडीए ने अब यहां डीएम सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने पर सहमति बना ली है।
एलडीए की योजना के मुताबिक दोनों जगह पर एलडीए करीब 5,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित करेगा। इसकेलिए 16 गांवों की जमीन ली जानी है।
इसमें से 11 गांव सुल्तानपुर रोड और पांच गांव बीकेटी के होंगे। सुल्तानपुर रोड पर योजना का आकार बीकेटी से बड़ा रहेगा। अकेले सुल्तानपुर रोड पर ही करीब 1.25 लाख लोगों को बसाने की योजना है।
एलडीए देगा चार गुना मुआवजा
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- फोटो : डेमो फोटो
एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन से शुरूआती वार्ता के बाद नई भू-अधिग्रहण नीति के अनुसार चार गुना मुआवजा देने पर सहमति बन रही है। किसानों की मांग को देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।
किसान भी चार गुना मुआवजा की मांग कर रहे हैं। लैंड पूलिंग के प्रस्ताव को किसान पूर्व में ही ठुकरा चुके हैं। अब जिला प्रशासन की तरफ से आधिकारिक रूप से दरों की घोषणा होते ही भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
एलडीए अपनी पुरानी योजनाओं प्रबंधनगर, मोहानरोड और बसंत कुंज से सबक लेते हुए गलती नहीं दोहराएगा। इस बार जिला प्रशासन के मुआवजा बांटते ही मौके पर जमीन का भौतिक कब्जा लेने और म्यूटेशन कराना तय किया है।
इन गांवों की जमीनों का होना है अधिग्रहण
सुल्तानपुर रोड- मलूकपुर ढ़कवा, ढ़कवा, कोरियानी, मलौली, चौरहिया, बाजूपुर, चांद सराय, दुलारमऊ, मोअज्जमपुर, सेमनापुर, सलौली।
बीकेटी, सीतापुर रोड- चंदा कोडर, नगवामऊ खुर्द, नगवामऊ कलां, दुर्जनपुर, राजपुर।
‘दोनों योजनाओं में अर्जन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिला प्रशासन को अब नई-भू अधिग्रहण नीति के आधार पर मुआवजा तय करने के लिए पत्र भेज दिया गया है। मुआवजा दर तय करने में अब कोई बाधा नहीं है। किसानों से आम सहमति बनाकर ही जमीन ली जाएगी’। - धनंजय शुक्ला, संयुक्त सचिव अर्जन, एलडीए