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संविधान के तहत हुआ धर्म परिवर्तन: बाजपेयी

Wed, 10 Dec 2014 01:59 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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पिछले दिनों आगरा में 37 मुस्लिम परिवारों के धर्म परिवर्तन पर केंद्र सरकार घिर गई है और केंद्रीय राज्यमंत्री ने खुद एफआईआर दर्ज होने की बात मानी है।
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इस दौरान, उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने फिर विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि धर्म परिवर्तन संविधान के अनुरूप हुआ है।

लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच न होने तक इस तरह बवाल क्यों हो रहा है। बाजपेयी ने केंद्र सरकार से इस मामले की जांच कराने को भी कहा।
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इसके पहले, धर्म परिवर्तन का मुद्दा संसद के दोनों सदनों में भी जमकर गूंजा। सरकार पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख विपक्षी दलों ने इस मामले पर सरकार से सफाई देने की मांग की। राज्यसभा में बसपा प्रमुख मायावती ने धर्मपरिवर्तन मामले पर मांग की केंद्र और राज्य सरकारें इस मामले को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि धर्मपरिवर्तन कराने वाली सांप्रदायिक दाकतों पर रोक लगानी चाहिए।

वहीं कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मांग की इस मामले पर सरकार स्पष्टीकरण दे। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा यदि धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में किसी को जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है तो सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री नकवी ने दी सफाई

विपक्षी दलों की मांग का जवाब देते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने राज्य सभा में कहा कि उनकी जानकारी में मामले पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि किसी संगठन को संस्‍था को राजनीतिक कारणों से गलत साबित करना ठीक नहीं है।

इससे पहले आगरा में जिन मुसलमानों का कथित रूप से धर्म परिवर्तन हुआ है उनमें से कुछ ने अनजाने में धर्मपरिवर्तन की बात कही है। धर्मपरिवर्तन के दौरान हवन और धर्म जागरण कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिला ने कहा कि उन्हें धर्म परिवर्तन के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूजा स्‍थल ले जाने से पहले उन्हें कुछ नहीं बताया गया। उन्हें इस बारे में बाद में पता चला कि उनका धर्म परिवर्तन कराया गया है। महिला ने कहा कि उनसे उनके आई कार्ड बनाने ‌के लिए कहा गया था, लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि यह धर्म परिवर्तन कराने क लिए कहा जा रहा है।
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इस ट्विस्ट ने ‌सबको किया हलकान

24 घंटे बाद ही धर्मांतरण मामले में मुस्लिम परिवारों ने यू-टर्न ले लिया। हवन में आहुति डालकर हिंदू धर्म अपनाने का दावा करने वाले लोगों ने धर्म परिवर्तन को नकार दिया। वे इससे ज्यादा कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। बस्ती के ठेकेदार (सर्वेसर्वा) की पत्नी ने हिंदूवादी संगठन पर गुमराह करने और डराने का आरोप लगाया है।

उसका कहना है कि उनसे पूजा में बैठने पर बीपीएल कार्ड बनवाने का लालच दिया गया था। धर्म जागरण और बजरंग दल का कहना है कि किसी को गुमराह नहीं किया। बीपीएल कार्ड बनवाने का जो वाद किया था, वे उसे पूरा करेंगे।

बता दें कि धर्म जागरण (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रकल्प) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को देवरी रोड स्थित देव नगर के पीछे बस्ती में रहने वाले लगभग 37 मुस्लिम परिवारों को हवन में आहुति डलवाकर और कलाई में कलावा बंधवाकर हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया था।

इनमें से अधिकांश मूलरूप से कोलकाता के हैं जो पिछले कई साल से देवरी रोड स्थित देव नगर के पीछे बस्ती में रह रहे हैं। कुछ लोग इन्हें बंग्लादेशी भी बोल रहे हैं। हिंदु धर्म अपनाने वालों में कुछ के पिता या दादा ने धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म अपना लिया था।
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