प्रदेश भर के लाखों व्यापारी जीएसटी पोर्टल फेल होने के कारण वैट के तहत किए गए कारोबार का सालाना रिटर्न दाखिल कर नहीं कर पाए। इनमें काफी संख्या में लखनऊ के व्यापारी भी शामिल हैं। रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर को खत्म हो गई।
वाणिज्य कर विभाग ने अगर यह तिथि नहीं बढ़ाई तो व्यापारियों को जुर्माना भरना होगा। इसलिए अब व्यापारियों को जुर्माने का डर सता रहा है।
बता दें, एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था। व्यापारियों ने वर्ष 2017 में अप्रैल से जून तक वैट के तहत कारोबार किया था। इसी अवधि का सालाना रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि तय थी।
दरअसल, एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले व्यापारियों का ऑडिट होना है। इसलिए व्यापारी सप्ताह भर से रिटर्न दाखिल करने के लिए जीएसटी पोर्टल से जूझ रहे थे।
रिटर्न दाखिल करने को नहीं अपलोड किए फॉर्म
लखनऊ दाल एवं चावल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि जीएसटी पोर्टल पर वैट के तहत किए गए कारोबार का सालाना रिटर्न फाइल के लिए फॉर्म-52, फॉर्म-52ए व फॉर्म-52बी अब तक अपलोड नहीं किए गए।
वहीं, दि प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने वैट के सालाना रिटर्न की अंतिम तिथि बढ़ाने को लेकर सोमवार को वाणिज्य कर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रांतीय महामंत्री सौरभ सिंह गहलौत ने बताया कि ज्ञापन में जीएसटी पोर्टल पर फॉर्म-52, फॉर्र्म-52ए व फॉर्म-52बी को तत्काल अपलोड करने की भी मांग की गई है, जिससे व्यापारी सालाना रिटर्न भर सकें।
जीएसटी पोर्टल चालू है, लेकिन सर्वर स्लो होने के कारण व्यापारियों को रिटर्न फाइल करने में दिक्कत हो रही है। मुख्यालय स्तर पर इसके निराकरण के प्रयास किए जा रहे हैं।
-शक्ति प्रताप सिंह, डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) लखनऊ जोन, वाणिज्य कर विभाग