एलडीए में भूखंड समायोजन के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया गया। इसमें एलडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कई सौ करोड़ रुपये की कमाई की। इसी मामले में एलडीए का चर्चित बाबू ओझा पकड़ा भी गया और उस पर कार्रवाई भी हुई।
ओझा की तरह और भी हैं जिन पर कार्रवाई हो सकती थी। इसे लेकर गोपनीय जांच भी चल रही थी। असल में कितने भूखंडों का समायोजन घोटाला है, यह रिपोर्ट तो अब तक बन ही नहीं पाई है, लेकिन माना जा रहा है कि गोमती नगर, जानकीपुरम व सीतापुर रोड योजना और कानपुर रोड योजना में करीब 500 भूखंडों के समायोजन में घोटाला किया गया।
इसमें छोटे प्लॉट और फ्लैट की बजाय फायदा पहुंचाने के लिए बड़े प्लॉट दिए गए। एक कर्मचारी नेता का कहना है कि भूखंड समायोजन घोटाले से करोड़ों की कमाई की गई है।