लखनऊ का लालबाग इंटर कॉलेज एक बार फिर चर्चा में है। यहां इंटर के साथ ही अब डिग्री की पढ़ाई का बोर्ड लगा दिया गया है। कॉलेज को डिग्री की मान्यता नहीं है, बावजूद इसके आवेदन फॉर्म मांगे जा रहे हैं।
इसके बाद विरोध के सुर भी तेज हो गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कॉलेज में मान्य संचालक मंडल न होेने की बात कहते हुए इसे गलत करार दिया है। उन्होंने मामले की जांच की बात भी कही है।
लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज प्रबंधन पर इससे पहले कॉलेज की जमीन बेचने और नियुक्तियों में फर्जीवाड़े का आरोप लग चुका है। कॉलेज में प्रबंधन को लेकर भी खींचतान चल रही है।
डीआईओएस डॉ. मुकेश सिंह के अनुसार कॉलेज में इस समय प्रबंधतंत्र मान्य नहीं है। शिक्षकों का वेतन एकल संचालन के तहत किया जा रहा है। प्रबंधतंत्र के गठन के लिए जेडी को पत्र भेजा जा चुका है।
नहीं शुरू की जा सकती डिग्री स्तर की कक्षाएं
लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में यहां पर फिलहाल डिग्री स्तर की कक्षाएं नहीं शुरू की जा सकती। वहीं, कॉलेज की कथित प्रबंधक एस प्रसाद का कहना है कि वे जमीन को बिकने से बचानी चाहती हैं। इसके लिए यहां पर डिग्री कॉलेज खोलना चाहती हैं।
उनका कहना है कि डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए वे सभी नियमों का पालन करेंगी। वहीं, लविवि प्रशासन ने लालबाग कॉलेज की तरफ से किसी प्रकार का आवेदन न होने की बात कही है।
शासन ने लविवि को पूरे लखनऊ भर में मान्यता देने के लिए अधिकृत किया है। लविवि के अलावा अगर कॉलेज को कहीं की मान्यता मिली है या फिर मिलने वाली है तो उस पर भी सवाल उठना तय है।
जांच कर करेंगे कार्रवाई
डेमो
'इंटर कॉलेज के प्रबंधतंत्र को कोर्ट ने अमान्य कर दिया है। ऐसे में जेडी को नए प्रबंधतंत्र गठन की सिफारिश के लिए पत्र लिखा गया है। कॉलेज में डिग्री के आवेदन फॉर्म मांगने या फिर बोर्ड लगने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो यह गलत है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।' - डॉ. मुकेश सिंह, डीआईओएस
'कॉलेज की जमीन बेचने से बचाने के लिए यहां पर डिग्री कॉलेज खोला जा रहा है। अभिभावकों ने डिग्री की पढ़ाई के लिए प्रबंधन से बात की है। अभी हमें मान्यता नहीं मिली है, लेकिन इसकी प्रक्रिया चल रही है। जो भी काम होगा उसमें नियमों का ध्यान रखा जाएगा।' - एस प्रसाद कथित प्रबंधक, लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज