- पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने का जिक्र न होने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार से कर दिया था इनकार
- दोबारा पोस्टमार्टम पंजाब में कराने के प्रस्ताव को यूपी सरकार ने ठुकराया
- भाकियू नेता राकेश टिकैत किसान ने कहा- रस्म पगड़ी पर तय करेंगे अगली रणनीति
लखीमपुर बवाल में बहराइच के मृत किसान गुरुविंदर सिंह के परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़ा करते हुए मंगलवार को अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। डीएम और एसपी ने परिवार से बात की, लेकिन वे नहीं माने। तब उन्होंने शासन के अफसरों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद लखनऊ से हेलीकॉप्टर से पीजीआई की पांच डॉक्टरों की एक टीम को दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया। देर रात दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बुधवार को रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
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मटेरा थाना क्षेत्र के मोहरनिया गांव के गुरुविंदर का शव सोमवार देर शाम गांव पहुंच था। मंगलवार को अंतिम संस्कार की तैयारी थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से परिजन संतुष्ट नहीं थे। उनका आरोप है कि किसान की मौत गोली लगने से हुई है। इसका जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं है। अंतिम संस्कार न हो पाने की जानकारी पाकर मंगलवार देर शाम भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत भी मटेरा पहुंचे।
उन्होंने बताया कि पंजाब में पोस्टमार्टम कराने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन यूपी सरकार ने ठुकरा दिया। एम्स में कराने का भी विचार था, मगर वहां केंद्रीय मंत्री दबाव बना सकते थे। इसलिए पीजीआई की पांच सदस्यीय टीम किसान के शव का पोस्टमार्टम बहराइच में ही करेगी। उन्होंने कहा कि किसान के रस्म पगड़ी पर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।