अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी का कहना है कि आयोग के गठन की पत्रावली तैयार है, केवल मुख्यमंत्री का अनुमोदन बाकी रह गया है। मुख्यमंत्री राजधानी से बाहर हैं, उनके वापस आते ही इस पर मुहर लगने की उम्मीद है।
लखीमपुर खीरी बवाल के मामले की जांच न्यायिक आयोग से कराए जाने के फैसला सोमवार को ही हो गया था। लेकिन घोषणा के 60 घंटे बाद भी आयोग का गठन का नहीं हो सका है। अब माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे से लौटेंगे उसके बाद ही इस पर फैसला हो सकेगा।
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दरअसल आयोग के गठन को लेकर मंगलवार को देर रात तक मंथन चलता रहा, लेकिन जांच किस रिटायर जज से कराई जाए, इसमें किन-किन लोगों को रखा जाए और जांच किन बिंदुओं पर हो, इस पर फैसला नहीं हो सका। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी का कहना है कि आयोग के गठन की पत्रावली तैयार है, केवल मुख्यमंत्री का अनुमोदन बाकी रह गया है। मुख्यमंत्री राजधानी से बाहर हैं, उनके वापस आते ही इस पर मुहर लगने की उम्मीद है।
अब तक नहीं हुई किसी की भी गिरफ्तारी
ऐसी घटना जिसमें आठ लोगों की हत्या कर दी गई हो, उस घटना में अब तक एक व्यक्ति की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसे लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। इस मामले में अब तक दो एफआईआर दर्ज की गई है। एक एफआईआर किसानों की हत्या को लेकर है जबकि दूसरी एफआईआर भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत को लेकर की गई है। पहली एफआईआर में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र उर्फ मोनू को नामजद किया गया है और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर है, इसके बाद भी अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।