लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में बुधवार को सुनवाई होनी थी। न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने खुद को इसकी सुनवाई से अलग कर लिया। अब मुख्य न्यायाधीश सुनवाई के लिए नए जज को नामित करेंगे। फिलहाल जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है।
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाया गया हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उसको जमानत दिए जाने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट से मंजूर जमानत को खारिज कर दिया था। साथ ही आशीष को हफ्ते भर में सरेंडर करने आदेश दिया था। साथ ही मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट को आशीष की जमानत पर नए सिरे से विचार करने को कहा था। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र का पुत्र आशीष, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपित है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने गत 10 फरवरी को आशीष की जमानत मंजूर की थी। जिसके खिलाफ पीड़ित परिजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाईकोर्ट का जमानत आदेश रद करने का आग्रह किया। सुप्रीम कोर्ट के ने आशीष को जमानत देने का आदेश रद करते हुए कहा था कि हाईकोर्ट ने जमानत देने में जल्दबाजी की। जमानत देते समय पीड़ितों का पक्ष नहीं सुना।
मालूम हो कि लखीमपुर खीरी में पिछले साल तीन अक्टूबर को किसानों के विरोध प्रदर्शन के समय हिंसा हुई थी। जिसमें आठ लोग मारे गए थे। इस मामले में प्रदेश सरकार ने जमानत मंजूर होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल नहीं की थी। उधर, बुधवार को मामले की सुनवाई के समय राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही पेश हुए।