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लखनऊः इंडस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला ने तोड़ा दम, तीमारदारों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Tue, 15 Oct 2019 04:03 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ में गोमतीनगर के इंडस हॉस्पिटल में सीजेरियन ऑपरेशन के बाद महिला वेंटिलेटर पर पहुंच गई। सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए तीमारदारों ने डॉक्टरों पर इलाज में कोताही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर तीमारदारों को शांत कराया।

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बाराबंकी के जहगीराबाद निवासी अमरनाथ की पत्नी शर्मा देवी (24) कोे रविवार रात प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात करीब 9 बजे ऑपरेशन से बच्चा हुआ। अमरनाथ का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद पत्नी को किसी तरह की परेशानी नहीं थी।

आरोप लगाया कि डॉक्टर और स्टॉफ के कोताही बरतने से सोमवार सुबह मरीज की हालत बिगड़ गई। स्टाफ को इसकी जानकारी दी पर कोई सुनवाई नहीं हुई। तीमारदारों के हंगामा करने पर डॉक्टर आए और मरीज की हालत गंभीर बताकर वेंटिलेटर पर डाल दिया। कुछ ही देर बाद मरीज की मौत हो गई।
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तीमारदारों ने डॉक्टरों पर गलत इलाज करने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। तीमारदारों का यह भी आरोप है कि पुलिस अस्पताल से साठगांठ कर सुलह का दबाव बना रही थी। अमरनाथ का कहना है कि वह सीएम-सीएमओ से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे। उधर, नवजात एनआईसीयू में भर्ती है।

मरीज उठने को बोल रही थी, नर्स ने दबाया सिर

अमरनाथ का आरोप है कि कमर में तेज दर्द होने पर उनकी पत्नी बेड पर बैठना चाह रही थी। नर्स से इसके लिए कहा तो उसने मना कर दिया। मरीज ने कमर के नीचेे तकिया लगाने को कहा तो नर्स ने सिर हाथ से दबा दिया। इसके बाद अचानक उसकी सांसें थम गईं।

पति का आरोप, मौत बाद डाला वेंटीलेटर पर
पति का यह भी आरोप है कि मरीज की मौत बाद डॉक्टरों ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए उसे वेंटिलेटर पर कुछ देर के लिए रख दिया। इसके थोड़ी देर बाद मरीज की मौत की सूचना दे दी।
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जांच कराकर की जाएगी आगे की कार्रवाई

गर्भवती महिला को पहले से हार्ट की समस्या थी। इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं हुई है। ऑपरेशन के बाद मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया था, पर उसे बचाया नहीं जा सका। - डॉ. राजीव रंजन, कार्डियोलॉजिस्ट, इंडस हॉस्पिटल

सोशल मीडिया के जरिये मामला संज्ञान में आया है। तीमारदारों की ओर से अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
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