लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में तैनात महिला कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा द्सरे के हस्ताक्षर से वेतन लिया जाता रहा। कुलपति प्रो.एसपी सिंह ने 19 जनवरी को विभाग का औचक निरीक्षण किया तो इस खेल का भंडाफोड़ हुआ।
कुलसचिव प्रो.राजकुमार सिंह ने दिव्या अग्निहोत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इससे पहले हुए निरीक्षण के दौरान भी दिव्या अग्निहोत्री गैरहाजिर मिली थीं।
निलंबन के दौरान उन्हें कुलानुशासक कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इस दौरान उन्हें जीवन निर्वहन भत्ता मिलता रहेगा। कुलसचिव के जारी पत्र केे अनुसार दिव्या पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर वर्ष 2000 से कार्यरत हैं।
कुलपति ने इससे पहले भी विभाग का निरीक्षण किया था। उस दौरान दिव्या गैरहाजिर मिली थीं। उस समय उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। 19 जनवरी को कुलपति और कुलसचिव ने एक साथ 15 विभागों का निरीक्षण किया था। इस दफा भी दिव्या गैरहाजिर थीं। पर, उपस्थिति पंजिका पर उनके हस्ताक्षर थे।