अपने दिव्यांग बच्चे को गोद में उठाकर जाता श्रमिक
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स्पेशल ट्रेनों की लेट-लतीफी मजदूरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गाड़ियां घंटों की देरी से चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच रही हैं। वहीं मजदूरों को रास्ते में खाना और पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को भी कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची।
गत बुधवार को गोवा के मडगांव से सुपरफास्ट स्टेशल ट्रेन शाम सात बजे रवाना हुई थी। लेकिन ट्रेन जब भुसावल पहुंची तो उसे रोक दिया गया। जबकि पीछे से आने वाली गाड़ियों को गुजारा जाता रहा। इस ट्रेन को महज 36 घंटे में चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन देरी की वजह से 41 घंटे लग गए।
इस ट्रेन से बस्ती जा रहे मजदूरों ने शिकायत की कि झांसी तक खाने-पीने की व्यवस्था थी, लेकिन उसके बाद चारबाग तक पीने का पानी तक नहीं मिला। चेन्नई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार सुबह झांसी से आगे बढ़ी, मजदूरों ने रेलवे प्रशासन से शिकायत की कि इटारसी के बाद से कुछ खाने तक को नहीं मिला। पानी भी नसीब नहीं हुआ। 04871 स्पेशल ट्रेन में यात्रा कर रहे मोहम्मद शमीम ने बताया कि रास्ते में खाने के पैकेट दिए गए, पर पानी कहीं नहीं मिला।