लखनऊ। काकोरी के जलियामऊ गांव में बृहस्पतिवार देर रात खेत में सो रहे किसान व मजदूर को बदमाशों ने गोली मार दी। इससे किसान लाला उर्फ सुशील गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि मजदूर श्रीराम (45) की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में किसान के भाई की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरू की गई है। पुलिस के मुताबिक जमीन के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जलियामऊ निवासी किसान लाला उर्फ सुशील गांव के ही मजदूर श्रीराम के साथ बृहस्पतिवार रात को धान की मड़ाई कर रहे थे। देर रात होने के बाद दोनों खेत में ही सो गए। रात करीब 1.30 बजे बदमाशों ने दोनों को गोली मार दी। इससे श्रीराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लाला गंभीर रूप से घायल हो गया। लाला ने घरवालों को खबर दी तो वे मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाला को बलरामपुर अस्पताल भेजा। वहीं, शुक्रवार सुबह श्रीराम का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को शव के पास से कारतूस व शराब की बोतलें मिलीं। पुलिस के मुताबिक श्रीराम को कनपटी व कंधे पर गोली मारी गई, जबकि लाला के कंधे पर लगी है। उसके भाई सुधीर ने गांव के ही पवन उर्फ छोटे व उसके बहनोई संजय के खिलाफ हत्या की तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। मृतक श्रीराम के परिवार में दो बेटे अमन व विशाल हैं।
कई सालों से चल रहा जमीन का विवाद
पुलिस के मुताबिक पवन उर्फ छोटे व लाला के परिवार में कई साल से जमीन का विवाद चल रहा है। पवन के पिता तुलसीराम की हत्या के आरोप में लाला के भाई सुधीर व अनुराग को सजा हुई थी। कुछ दिन पहले सुधीर पैरोल पर जेल से बाहर हुआ है। वहीं अनुराग अभी जेल में ही है। लाला की मां माया देवी के मुताबिक गांव में 32 बीघा जमीन को लेकर विवाद है, जिसकी पैरवी पवन व उसके बहनोई संजय कर रहे हैं। 2009 में तुलसीराम ने पारा के बल्दीखेड़ा गांव निवासी रामआसरे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रामआसरे इस विवादित जमीन का सौदा कर इस पर ट्रैक्टर चला रहा था, जिसका विरोध तुलसीराम ने किया और उसे गोली मार दी। इसके बाद थाने पहुंचकर अपना जुर्म भी कुबूल किया था।