लखनऊ। आशियाना स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय परिसर में बने स्विमिंग पूल में तैरने गए छात्र कुशाग्र भूषण पहली बार पूल को तैरकर पार गए थे। दोबारा तैरने का प्रयास किया तो सफल नहीं हो सके। कुशाग्र के भाई प्रणव व दो अन्य साथियों ने भी समझा कि वह इस बार भी पार हो जाएगा, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
कुछ देर तक कुशाग्र के शरीर में मूवमेंट नहीं हुआ तो साथियों ने शोर मचाया। आवाज सुनकर लाइफ गार्ड ने उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद छात्र को लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सोमवार को बताया गया कि स्विमिंग पूल को पीपीपी मॉडल पर श्रीवास्तव कंस्ट्रक्शन को दिया गया है। विवि के विद्यार्थियों की ओर से जो पंजीकरण होते हैं उनकी मॉनीटरिंग उनकी ओर से की जाती है। बाकी श्रीवास्तव कंस्ट्रक्शन की टीम निगरानी करती है। बाहरी विद्यार्थियों को लिए भी ये उपलब्ध है। शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।
लाइफ गार्ड संजय शर्मा व उनकी टीम ने बताया कि कुशाग्र, उनका भाई प्रणव और दो साथी तैरना जानते हैं। ऐसे में उन्हें नहीं रोका गया। सभी पूल में पानी के बीच बैठकर खेल रहे थे। कुशाग्र दूसरी बार कुछ दूर पहुंचा ही था कि वह तैर नहीं पाया। जब तक लाइफ गार्ड बाहर निकालते वह बेहोश हो चुका था।
विवि प्रशासन ने मांगा जवाब
पूल की जिम्मेदारी संभाल रहे श्रीवास्तव कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी कर विवि प्रशासन ने जवाब मांगा है। साथ ही विवि के अधिकारियों ने मौके की स्थिति भी देखी है। विवि के प्रवक्ता डॉ. शशांक शेखर का कहना है कि एक युवक की मौत की जानकारी मिली थी। सीसीटीवी फुटेज में घटना पूरी कैद हुई है। ऐसी घटना पहली बार विवि में हुई है। यह दुखद है, इससे सभी लोग हैरान हैं।
कुशाग्र की फाइल फोटो।