1.12 लाख रुपये, छह लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन, 23 एटीएम कार्ड, 15 पासबुक, इस्तेमाल किए जा चुके 50 सिमकार्ड, 11 नए पैक सिमकार्ड, पांच वोटर कार्ड, पांच आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, एक बाइक, स्कूटी, जस्ट डायल से लिया 21 पेज में सैकड़ों जीवन बीमा धारकों का डाटा, जाली लेटर पैड व 47 मोबाइल फोन की बैटरी बरामद हुई है।
ऐसे रचा ठगी का मायाजाल: 50 हजार पॉलिसी धारकों का डाटा खरीदा, जालसाजी के लिए तीन टीमें बनाई
सीओ कृष्णानगर लाल प्रताप सिंह ने बताया कि इंटर तक पढ़े मास्टर माइंड अमन कुमार ने जस्ट डायल से पांच हजार रुपये में 50 हजार बीमा पालिसी धारकों का डाटा खरीदा। इसके साथ ही गोमतीनगर में कॉल सेंटर खोल दिया। इसके साथ ही मास्टर माइंड ने तीन टीमें बनाईं।
टीम नंबर-1 : पगार 40 हजार तक, काम-पॉलिसी धारकों को बोनस की जानकारी देना
युवक-युवतियों को 10 से 40 हजार रुपये महीने की नौकरी पर रखकर पॉलिसी धारकों को कॉल करके उन्हें बोनस व अन्य लाभ की जानकारी देने का जिम्मा सौंपा।
टीम नंबर-2 : तनख्वाह 10 हजार तक, काम-गांवों में जाकर लोगों के खाते खुलवाना
दूसरी टीम को गांवों में भेजकर लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ के बहाने बैंक में खाते खुलवाते। उन्हें दो हजार से 10 हजार रुपये देने के साथ पासबुक व एटीएम कार्ड कब्जे में ले लेते। इन्हीं खातों का इस्तेमाल रकम पार करने के लिए किया जाता। यह काम करने वाली टीम को 10 हजार रुपये तक दिए जाते।
टीम नंबर-3 : सबसे विश्वस्त लोग, काम-खातों से रकम उड़ाना
तीसरी टीम में मास्टर माइंड खुद व उसके बेहद विश्वस्त शामिल थे। ग्रामीणों के नाम से खोले खातों से एटीएम कार्ड के जरिये रकम उड़ाने का काम यह टीम करती थी।
इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि जालसाजों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 23 एटीएम कार्ड बरामद होते ही संबंधित खाते फ्रीज करा दिए गए हैं। इन खातों से एक करोड़ से अधिक की कमाई की जा चुकी थी। इन खातों में लेनदेन का ब्योरा लेकर ठगी का शिकार बने अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है।