मायावती लखनऊ तो नहीं आईं, पर दिल्ली में ही उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। पर, खुद उन्होंने और उनकी पार्टी के लोगों ने मंडल स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में जिस तरह कहा कि सिर्फ योजनाएं शुरू करने से दलितों का भला नहीं हो सकता, उससे साफ हो गया कि आने वाले दिनों में वह दलितों के मुद्दों को लेकर भाजपा पर लगातार दबाव बनाएगी। कहीं थोड़ी सी चूक मिली तो उसे मुद्दा बनाने से नहीं हिचकेंगी।
भाजपा की तैयारी इस तरह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एससी-एसटी छात्रों के वजीफा में 750 रुपये की बढ़ोतरी और इसकी पात्रता की आय सीमा बढ़ाने की घोषणा।
एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों के जल्द निस्तारण के लिए 25 न्यायालयों का एलान।
एससी-एसटी विकास कमीशन के गठन की घोषणा।
कोई दलित या भूमिहीन गरीब यदि सरकारी जमीन पर बसा है तो उसे उजाड़ा नहीं जाएगा।
मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, शिक्षा : सुरक्षित भविष्य. उद्यम पूंजी जैसी योजनाएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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उज्ज्वला योजना (मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन) देना
प्रधानमंत्री सहज बिजली (सौभाग्य) योजना में हर घर को बिजली कनेक्शन
उजाला योजना (एलईडी बल्ब वितरण)
प्रधानमंत्री जन-धन योजना
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (दो लाख रुपये का जीवन बीमा)
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (2 लाख रुपये का जोखिम बीमा)
मिशन इंद्रधनुष (स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम)
स्वच्छता अभियान और समरसता भोज