महिला पुलिस की गोद में सात वर्षीय मासूम
- फोटो : amar ujala
बंथरा इलाके में शनिवार को स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर वापस जा रही एक सात वर्षीय मासूम छात्रा को एक बदमाश ने स्कूल गेट से बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। बाद में साइकिल सवार अपहरणकर्ता ने बच्ची के पिता को फोन कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। वारदात की खबर मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने आनन- फानन घटना की सूचना पुलिस को दी और कई ग्रामीणों के साथ अपहरणकर्ता द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंच गए। लेकिन परिजनों के साथ भारी संख्या में ग्रामीणों को आते देख अपहरणकर्ता मासूम छात्रा को वहीं पर छोड़कर फरार हो गया।
फिलहाल मासूम छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस अपहरणकर्ता को उसके मोबाइल नंबर के आधार पर तलाश रही है। बंथरा के लतीफ नगर गांव निवासी आसिफ कुछ दिनों पहले ही विदेश से नौकरी करने के बाद घर लौटा है। आसिफ किडनी की गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और घर पर ही उसकी डायलिसिस हो रही है। आसिफ की सात वर्षीय बेटी साहिबा गांव के ही एक निजी स्कूल में कक्षा दो की छात्रा है।
बताते हैं कि साहिबा शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल में छुट्टी होने के बाद वापस अपने घर जा रही थी। तभी स्कूल से बाहर निकलते ही गेट के पास मिले साइकिल सवार एक युवक ने उसे रोक लिया। उसने साहिबा को ताज की साइकिल बताते हुए उससे कहा कि तुम्हारी मम्मी बकरी चराने गई है और हम तुम्हें तुम्हारे घर पहुंचा देंगे। साहिबा उसके झांसे में आकर उसकी साइकिल में बैठ गई। साइकिल सवार युवक साहिबा को अपनी साइकिल पर बिठाकर करीब आधा किलोमीटर दूर शिवदीन खेड़ा गांव के पास एक आम की बाग में झाड़ियों के बीच ले गया। वहां पहुंचने के बाद अपहरणकर्ता ने अपने मोबाईल से साहिबा के पिता आसिफ के फोन पर कॉल कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी।
उसने फिरौती की यह रकम लेकर शिवदीन खेड़ा मोड़ पर आने को कहा। लेकिन जब अपहरणकर्ता ने फोन किया, तो उस समय आसिफ का मोबाइल साहिबा के चाचा सोनू के पास था। सोनू उस दौरान अपने लोडर से रायबरेली के लालगंज सामान लेकर गया था। सोनू को जब साहिबा के अपहरण होने की जानकारी मिली तो पहले तो उसे यकीन नहीं हुआ। लेकिन बाद में अपहरणकर्ता ने साहिबा की बात उससे कराई तो सोनू के होश उड़ गए। आनन-फानन उसने इसकी जानकारी अपने परिवार वालों को दी। बच्ची के अगवा होने की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में साहिबा के परिजन तमाम ग्रामीणों के साथ अपहरणकर्ता के बताए गए स्थान पर पहुंच गए। लेकिन भारी संख्या में लोगों को आते देख अपहरणकर्ता युवक बच्ची को वहीं छोड़कर पैदल ही भाग निकला। जाते-जाते वह अपनी पहचान छुपाने के लिए लाल रंग की टोपी और सफेद शर्ट व सफेद पैंट भी वहीं डाल गया।
इसी बीच बंथरा पुलिस के साथ कृष्णा नगर एसीपी स्वतंत्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल की बारीकी से छानबीन की। पुलिस ने छानबीन की तो अपहरणकर्ता द्वारा डाले गए कपड़ों की जेब में एक कागज मिला। जिसमें दो मोबाइल नंबर लिखे हैं। बाद में पुलिस ने सकुशल बरामद छात्रा से बदमाश के बारे में जानकारी ली, तो छात्रा साहिबा ने बताया कि अपहरणकर्ता युवक शुक्रवार को भी स्कूल से छुट्टी होने के समय रास्ते में उससे मिला था। उस दौरान युवक ने साहिबा से अपने साथ चलने को कहा, लेकिन वह उसके साथ नहीं गई।
पुलिस की मानें तो उसने अपहरणकर्ता के नंबर को ट्रूकॉलर पर चेक किया तो उसमें काजल के घर के सामने का लिखकर आ रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी अपहरणकर्ता युवक के मोबाइल नंबर को सर्विलांस के जरिए पता लगाने की कोशिश कर रही है। साथ ही कागज पर लिखे मिले दोनों मोबाइल नंबरों की भी जांच पड़ताल कर पता लगाया जा रहा है।