लखनऊ। केजीएमयू में हाॅस्टल की छत से कूदने वाली रेजिडेंट डॉक्टर की हालत अब खतरे से बाहर है। छात्रा अब होश में है। हालांकि उसने पैरों में ऑपरेशन वाले हिस्से में दर्द होने की बात कही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी में लगी है।
बीते मंगलवार को ड्यूटी से लौटने के बाद मेडिसिन विभाग की एमडी छात्रा ने हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी थी। गंभीर अवस्था में उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया था। प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि छात्रा दो दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रही। फ्रैक्चर हुए दोनों पैरों के ऑपरेशन हुए थे। शुक्रवार को वेंटिलेटर सपोर्ट हटाया गया। उसकी सेहत में सुधार हो रहा है।
ट्रॉमा सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि छात्रा ने पैर के ऑपरेशन वाले हिस्से में दर्द की शिकायत की है। यह कुछ दिनों तक रहेगा। वहीं, छात्रा के माता-पिता ने बेटी के इस कदम पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि बेटी का एमडी में दाखिला हुआ। केजीएमयू मिलने से वह खुश थी। पता नहीं अचानक उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। उन्होंने कहा कि केजीएमयू के डॉक्टरों ने बेटी को नया जीवन दिया है।