केजीएमयू में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडल देने की तैयारी है। जल्द ही इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर कार्य परिषद की बैठक में रखा जाएगा। वहीं इस साल होने वाले दीक्षांत समारोह में दो नए मेडल देने की भी तैयारी चल रही है।
एमबीबीएस में अलग-अलग कैटेगरी में 60 गोल्ड मेडल दिए जाते हैं। यहां के प्रमुख मेडल हीवेट, एमबीबीएस पार्ट-2 में सबसे अधिक नंबर पाने वाले को दिया जाता है। फाइनल प्रोफेशन पार्ट वन एवं टू में सर्वाधिक नंबर लाने वाले को चांसलर्स मेडल दिया जाता है। इसके अलावा कई मानद उपाधि भी दी जाती है।
सूत्रों की मानें तो विश्वविद्यालय में हुई श्रद्धांजलि सभा में कर्मचारियों एवं प्रोफेसर ने इच्छा जताई कि पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर मेडल घोषित किया जाए। आपसी सहमति के बाद इसे अधिकृत रूप से अमलीजामा पहनाने की तैयारी है।
केजीएमयू प्रवक्ता डा. सुधीर सिंह का कहना है कि अभी तक किसी राजनीतिक व्यक्ति के नाम पर मेडल नहीं दिया जाता रहा है, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहचान दलगत राजनीति से अलग थी। इस पर विचार किया जा रहा है।
इस संबंध में केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि श्रद्धांजलि सभा में तमाम लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर मेडल देने की इच्छा जाहिर की है। विश्वविद्यालय अगल- अलग समय पर नए मेडल देने की की प्रक्रिया अपनाता है। यह प्रक्रिया पूरी होने में काफी वक्त लगता है। इस बार संभावना कम है, लेकिन भविष्य में पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर मेडल दिया जा सकता है।