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अब खून की जांच बता देगी आपके दिल का हाल, केजीएमयू ने किया शोध, मिली मान्यता

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लखनऊ। केजीएमयू में हुए शोध में यह दावा किया गया है कि सीने में दर्द होने पर खून की जांच से ही दिल की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह शोध 200 लोगों पर किया गया है। इसमें 100 लोग सामान्य तो 100 दिल के रोगी थे। इनका ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई। शोध में सामने आया कि माइक्रो आरएनए-126 टेस्ट से पता लग सकता है कि मरीज को दिल संबंधी समस्या है या नहीं। पैथोलॉजी विभाग में हुए इस शोध को इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ क्लीनिकल केमिस्ट्री एंड लैबोरेटरी मेडिसिन ने मान्यता देते हुए प्रकाशित किया है।
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शोधकर्ता डॉ. वाहिद अली के अनुसार सीने में दर्द होने के बाद ज्यादातर लोग हार्ट अटैक या फिर अन्य बीमारी की आशंका में दहशत में आ जाते हैं। कई लोग मामूली बात होने के बावजूद ईसीजी तथा दिल से जुड़े अन्य टेस्ट कराने लगते हैं, जबकि काफी लोग दर्द को नजरअंदाज कर जाते हैं। ऐसे लोगों की हालत कई बार खराब भी हो जाती है। इसे ध्यान में रखकर विभाग में एक शोध करने का फैसला किया गया, जिससे कि लोगों को मामूली जांच के माध्यम से ही दिल संबंधी बीमारी के बारे में बताया जा सके। इसलिए सौ-सौ लोगों के दो ग्रुप बनाकर शोध शुरू किया गया। पहले ग्रुप में दिल के मरीजों को रखा गया, जबकि दूसरे में सामान्य व्यक्ति थे। दोनों की वर्ग में आयु और अन्य आधार पर समानता रखी गई। इसमें महिला और पुरुषों को बराबर संख्या में शामिल किया गया।
दिल के रोगियों में कम मिला स्तर
शोधपत्र के अनुसार टेस्ट में यह निकल कर आया कि माइक्रो आरएनए-126 की वैल्यू दिल के मरीजों में सामान्य मरीजों के मुकाबले बेहद कम थी। सामान्य मरीजों में जहां यह सामान्य से 39 प्रतिशत तक कम थी तो दिल के मरीजों में इसकी वैल्यू 80 फीसदी तक कम थी। वहीं माइक्रो आरएनए-122 की वैल्यू दिल के रोगियों में सामान्य से 14 फीसदी तक ज्यादा और सामान्य व्यक्तियों में 63 फीसदी तक ज्यादा थी।
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दिल के मरीजों की पहचान होगी आसान
शोधपत्र के अनुसार आने वाले दिनों में दिल के मरीजों की पहचान करना और आसान हो सकेगा। इस शोध के बाद इस दिशा में नई संभावनाओं के दरवाजे खुलेंगे। ऐसा होने पर दिल के मरीजों की प्रारंभिक जांच सिर्फ खून के नमूने से ही हो सकेगी। इसमें लक्षण मिलने पर ही उसे बाकी के टेस्ट कराने की जरूरत पड़ेगी।
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