लखनऊ। केजीएमयू मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग और पैरामेडिकल के साथ अब आयुर्वेद की पढ़ाई की ओर भी रुख कर रहा है। इसके तहत संस्थान में जल्द ही आयुर्वेद संकाय की स्थापना होगी। आयुर्वेद संकाय की स्थापना के साथ ही यहां पर पंचकर्म सेंटर की शुरुआत की जाएगी। इस सेेंटर में तेल लेप के माध्यम से शरीर के विकारों को दूर किया जाएगा। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के अधीक्षक और ट्रॉमा सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. संदीप तिवारी ने इसका प्रस्ताव दिया है। विवि प्रशासन इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
पंचकर्म प्रक्रिया आयुर्वेद की मुख्य प्रक्रियाओं में आता है। इसीलिए पंचकर्म सेंटर को मेडिकल और डेंटल संकाय से अलग रखने की सिफारिश की गई है। इसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि चिकित्सा विवि अपने यहां आयुर्वेद संकाय की स्थापना भी करेगा। पंचकर्म के दौरान व्यक्ति की निजता जरूरी होती है। इसलिए प्रस्ताव में पंचकर्म सेंटर के लिए अलग भवन तैयार करने की बात कही गई है। इसके साथ ही तेल लेप के माध्यम से इलाज करने वाले पुरुष और महिला दोनों की नियुक्ति की बात भी कही गई है। प्रदेश में आयुर्वेद की बढ़ती उपयोगिता और प्रोत्साहन को देखते हुए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है।
बीएचयू समेत कई एम्स मेें है पंचकर्म सेंटर
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, एम्स ऋषिकेश और एम्स भोपाल में मेडिकल संकाय के साथ ही पंचकर्म सेंटर स्थापित है। बीएचयू में तो इस सेंटर में 150 से ज्यादा चिकित्सक और 1000 से ज्यादा स्टाफ कार्यरत है। प्रस्ताव में इन उदाहरणों को भी पंचकर्म सेंटर खोलने का आधार बनाया गया है।