लखनऊ। केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ मंगलवार को चौक थाने में यौन शोषण, धर्म परिवर्तन सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने बताया कि आरोपी रमीज की तलाश में पुलिस टीम लगी है। जल्द उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शिकायतकर्ता महिला रेजिडेंट के अनुसार, वह किराये के मकान में रहती है। कुछ माह पहले रमीज से दोस्ती हुई। रमीज ने बताया कि वह मौजूदा समय में उत्तराखंड के खटीमा में रहता है और मूल निवासी सहारनपुर का है। पीड़िता के अनुसार रमीज ने शादी का झांसा देकर उसे प्यार के जाल में फंसा लिया। अगस्त माह में रमीज उनके किराये के कमरे पहुंचा और शादी का हवाला देते हुए यौन शोषण किया। इसके बाद अक्सर ही वह पीड़िता के कमरे में आता और शादी के नाम पर संबंध बनाता रहा। आरोपी उसे ठाकुरगंज के शीश महल स्थित अपने किराये के कमरे पर भी लग गया और वहां भी संबंध बनाए। सितंबर माह में पीड़िता ने रमीज को बताया कि वह गर्भवती है तो उसने इसे गलत बताते हुए दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया।
रमीज की पत्नी से मुलाकात पर खुला राज
एफआईआर के अनुसार, पीड़ित की सितंबर में ठाकुरगंज इलाके में एक युवती से मुलाकात हुई। बातचीत में युवती ने खुद को डॉ. रमीज की पत्नी बताया। यह खुलासा भी किया कि रमीज ने धर्म परिवर्तन कराकर फरवरी 2025 में उससे निकाह किया है। पीड़ित ने जब रमीज से इस बारे में बातचीत की तो उसने शादी की बात से इन्कार कर पीड़िता से ही शादी करने का भरोसा दिलाया। अक्तूबर में पीड़िता ने शादी की बात कही तो रमीज धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। पीड़िता ने आरोपी से दूरी बनानी चाही वह पीछे पड़ गया। उसने पीड़िता के निजी फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी दी। धमकाया कि वीडियो व फोटो वायरल होने पर उनकी शादी कहीं नहीं हो सकेगी। आरोपी ने पीड़िता को धर्म परिवर्तन के लिए आखिरी मौका दिया।
आत्महत्या के इरादे से दवाओं की ली ओवरडोज
रमीज की हरकतों ने पीड़िता को मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया था। आत्महत्या के इरादे से उसने 17 दिसंबर की सुबह दवाओं की ओवरडोज भी ली। हालत बिगड़ने पर उसे ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया था। इसके बाद पीड़िता ने फोन पर पिता को सारी बात बताई और 19 दिसंबर को केजीएमयू प्रशासन से लिखित शिकायत की।
आरोपी डॉक्टर केजीएमयू से निलंबित, प्रवेश पर प्रतिबंध
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले की जांच विशाखा समिति को सौंपी थी। समिति ने दोनों पक्षों के बयान लिए और रेजिडेंट डॉक्टर को दोषी पाया है। डीन प्रो. वीरेंद्र आतम ने आरोपी रेजिडेंट को निलंबित करते हुए छात्रावास, क्लास और लैब सहित अन्य सभी सुविधाओं से वंचित किया है। इस अवधि में रेजिडेंट का परिसर में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। जल्द ही केजीएमयू प्रशासन इस मामले में सजा तय करेगा।
मुख्यमंत्री ने फोन पर की पीड़िता से बात
केजीएमयू में धर्मांतरण के प्रयास का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार रात फोन पर पीड़िता से बात की और न्याय दिलाने का आश्वासन दिलाया। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने खुद पीड़ित छात्रा से बात की है। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन निष्पक्ष जांच करा रहा है।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
धर्मांतरण मामले के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने परिसर में घूम-घूमकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। इस महानगर मंत्री सरिता पांडेय ने कहा कि मांगें न माने जाने पर आंदोलन किया जाएगा।