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Lucknow News: हर घर में रखें तुलसी, गिलोय और गाय

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कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारी।
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लखनऊ। केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान परिसर में बृहस्पतिवार को दो दिवसीय किसान मेले का शुभारंभ हुआ। विशिष्ट अतिथि, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक डॉ. विजय बहादुर द्विवेदी ने कहा, सभी को घर में औषधीय गुणों वाले तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, सतावर और लेमनग्रास का पौधा जरूर लगाना चाहिए।
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अपील किया कि परिवार को स्वस्थ रखना है तो घर में एक गाय भी पालना चाहिए। यहां औषधीय, सगंध पौधों के विकास, देश के किसानों को समृद्ध व सक्षम बनाने में शानदार भूमिका निभा रहे सीमैप की तारीफ की।
मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार व पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ. जीएन. सिंह ने कहा, जब भी देश लड़खड़ाता है, अपने पुरुषार्थ और मेहनत से कृषि के जरिये हमारे देश का किसान इसे संभालता है। आर्थिक समेत हर विपदा से देश को उबारता है।
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उन्होंने उज्ज्वल भविष्य के लिए नौजवानों से कृषि विज्ञान की पढाई पर जोर देने को कहा। अपनी विशिष्टता के लिए सारी दुनिया सीमैप का लोहा मान रही है। कोविड से निपटने में सीमैप द्वारा संवर्धित औषधीय पौधों की महत्ता को विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत पूरी दुनिया ने माना।
सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने कहा, सीमैप में विकसित मैंथा की उन्नत प्रजातियों को अपनाने का नतीजा है कि आज विश्व के 80 प्रतिशत मैंथा का उत्पादन भारत में और भारत का 80 प्रतिशत मैंथा का उत्पादन केवल यूपी में हो रहा है।

किसान मेले के संयोजक व एरोमा मिशन के प्रमुख डॉ. संजय कुमार के साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिकों की टीम डॉ. आलोक कालरा, डॉ. रमेश श्रीवास्तव, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. मनोज सेमवाल आदि ने भी परिचर्चा सत्र में किसानों से संवाद किया। मेले में अमर उजाला के उपक्रम गांव-जंक्शन की स्टाल लगा था। यहां सैकड़ों किसानों को मैगजीन और अखबार दिए गए।
अतिथियों ने सीमैप के कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। सीमैप और मेसर्स आर्टत्रिस्टा क्रिएशन ब्यूटी सैलून एंड एकेडमी के बीच हर्बल उत्पादों की मार्केटिंग के लिए एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। परिसर में लगे स्टॉलों पर सीमैप के हर्बल उत्पाद, ड्रोन तकनीकी, जिरेनियम की पौध सामग्री, अगेती मिंट तकनीक आदि की प्रदर्शनी लगाई गई। किसान मेले के दूसरे दिन शुक्रवार को भारी संख्या में किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। पर्यावरणविद पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे।



खुद भी हुए समृद्ध, औरों को दे रहे रोजगार

ओडिशा से आए किसान अश्विनी नायक सीमैप से जुड़कर औषधीय पौधों हल्दी, तुलसी, अजवाइन आदि के ऑयल निकालकर बड़े पैमाने पर आयुर्वेदिक कंपनियों को आपूर्ति दे रहे हैं। खास बात यह है कि अश्विनी आसवन प्रक्रिया में भाप नहीं कार्बन डाई ऑक्साइड का प्रयोग करते हैं। इससे ऑयल में औषधीय गुण बरकरार रहता है।
भूले बिसरे 60 किस्म के मोटे अनाजों के दिन लौटे

किसान मेले में मैसूर स्थित केंद्रीय खाद्य तकनीक शोध संस्थान (सीएफटीआरआई) की स्टॉल लगा है। यहां खुशबू शर्मा और लीला चौहान ने बताया कि संस्थान ने लंबे शोध के जरिए भारत में हजारों साल से पाए जाने वाले भूले-बिसरे सेहत के लिए अच्छे 60 किस्म के मोटे अनाजों को फिर से तलाशा और उनके विकास पर काम किया जा रहा है। रागी, कोदो आदि मोटे अनाजों से उपमा, बिस्किट, कुकीज बच्चों के पोषण लिए कई खाद्य पदार्थ बनाया है। लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं।
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