एप के जरिए ग्राहक मिलावट पर भी फीडबैक दे सकेंगे। ग्राहक को बताना होगा कि उसने संबंधित दुकान पर क्या खाया और उसे किसमें मिलावट की आशंका है। यह फीडबैक अपलोड होते ही विभाग की टीम के पास संदेश पहुंच जाएगा। कंट्रोल रूम से उस इलाके में मौजूद खाद्य निरीक्षक को बताया जाएगा और वह संबंधित खाद्य पदार्थ की जांच करेगा। प्राथमिक जांच में ही संदेह सही निकला तो संबंधित खाद्य पदार्थ को नष्ट करा देगा।
आम तौर पर खाद्य पदार्थों की जांच को लेकर बेसुध रहने वाला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की नींद खुल गई है। प्रदेशभर में मिलावटखोरी के मामले सामने आने के बाद इसे रोकने की पुख्ता रणनीति बनाई गई है। अब कांवड़ यात्रा वाले मार्गों, धार्मिक स्थलों पर मिलावटखोरी रोकने के लिए जागरुकता से संबंधित कार्यक्रम भी चलते रहेंगे। इसमें श्रद्धालुओं को बताया जाएगा कि खाद्य पदार्थ में कैसे मिलावट का अंदाजा लगाएं। विभाग की मोबाइल वैन भी तैनात रहेगी। जहां लोग खुद जांच करा सकेंगे।