गोमतीनगर के बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचन करते कलाकार।
लखनऊ। संत कबीर के शव के पास हिंदू और मुसलमान इस बात को लेकर झगड़ा कर रहे थे कि उनका उत्तराधिकारी कौन है। यहीं से होती है नाटक कबीरा की शुरुआत, जिसका मंचन बुधवार को गोमतीनगर के बौद्ध शोध संस्थान में किया गया।
चंद्रभाष सिंह के निर्देशन और हेमचंद सिंह के संगीत से सजे नाटक में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए कबीर के प्रयासों को उतारा गया। स्वर इंडिया एसोसिएशन के बैनर तले मंचित नाटक में कबीर के दोहों की गूंज भी सुनाई दी। नाटक का अंत इस संदेश के साथ होता है कि ईश्वर हमारे भीतर ही है और कबीर वाणी जीवन का दर्शन है। जूही कुमारी, दीना भारती, आनंद तिवारी, रोहित चौहान, अनूप जायसवाल, मुकुल, मृत्युंजय ने अभिनय किया।
गोमतीनगर के बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचन करते कलाकार।
गोमतीनगर के बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचन करते कलाकार।
गोमतीनगर के बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचन करते कलाकार।
गोमतीनगर के बौद्ध शोध संस्थान में नाटक का मंचन करते कलाकार।