181 महिला हेल्पलाइन कार्यकर्ताओं का धरना जारी
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धरना स्थल ईको गार्डन में आठवें दिन सोमवार को भी 181 महिला हेल्पलाइन में कार्यरत सैकड़ों महिला कर्मी नौकरी से निकाले जाने व वेतन की मांग को लेकर धरनारत रही। इस दौरान कब्ड्डी खिलाड़ी दिनेश सिंह व 181 महिला हेल्पलाइन की मृतक आयूषी की चार वर्ष की बच्ची अपनी नानी संग इको गार्डन धरना स्थल पहुंची। वहीं इस दौरान कब्ड्डी खिलाड़ी दिनेश सिंह ने कहा कि जीवीके द्वारा बीते एक साल से 75 जिलों के 351 टेली काउंसलर व फील्ड काउंसलर को उनके वेतन का भुगतान नही किया जा रहा था। इसको लेकर महिला कर्मचारियों ने कई बार धरना दिया और आश्वासन के बाद समाप्त भी कर दिया लेकिन बीते 6 जून को कंपनी द्वारा डाक के माध्यम से 351 महिला टेली काउंसलर व फील्ड काउंसलर को सेवा समाप्ति का पत्र भेज दिया गया।
इसी के बाद से कर्मी आंदोलनरत है। सोमवार से एक बार फिर धरने पर बैठी नाराज महिला कर्मियों के तीन सदस्यों के प्रतिनिध मण्डल को महिला कल्याण के निदेशक मनोज राय से वार्ता के लिए राजी कर वार्ता करवायी गई लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। धरना स्थल पर पहुंचे महिला कल्याण निदेशालय में तैनात मुख्य वित्त एवं लेखधिकारी मोनिस अली सिद्दीकी ने धरना दे रही 181 की महिला कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर वेतन देने का लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक उन लोगों के खाते में अभी तक वेतन नहीं आया है।
वहीं दूसरी तरफ कबड्डी खिलाड़ी दिनेश सिंह ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार मृतक महिला कर्मी की चार0 वर्ष की बच्ची के भरण पोषण के लिए कुछ नहीं करती है तो 181 की धरनारत महिलाऐं व खिलाडी परिवार बच्ची के पढ़ाई लिखाई व भरण पोषण के लिए तात्पर्य रहेगा। वहीं धरनारत 181 की महिलाओं का कहना था कि अगर 25 तारीख तक उनके खाते में वेतन नहीं आया तो दिन-रात सभी महिलाएं अनरवत धरना मांगे पूरी होने तक जारी रखेगी ।
मंत्री के घर पहुंची कर्मी, सुरक्षा कर्मियों ने हटाया
वेतन व सेवा संबंधी मांगों को लेकर इको गार्डन में धरना दे रहीं 181 की महिला कर्मियों में से कुछ सोमवार की सुबह महिला कल्याण मंत्री स्वाति सिंह के गौतम पल्ली स्थित आवास पर पहुंच गईं। इनमें पायल निवासी आगरा, साधना निवासी आगरा, अवधेश कुमारी निवासी औरेया व परवीना निवासी कानपुर देहात मुख्य रूप से शामिल थीं। 181 में आर वी एस पद पर कार्यरत कर्मियों ने 11बजे मंत्री जी के आवास पर पहुंच कर ज्ञापन देने की और मंत्री जी से मिलकर बात करने की बात कही। मंत्री के न मिलने पर वहीं बैठ गईं। मौके पर मौजूद सिक्योरिटी ने मना किया तो चारों लड़कियां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वहीं बाहर बरामदे में बैठ गई। सिक्योरिटी ने स्थिति देखते हुए तत्काल गौतम पल्ली थाने पर फोन कर दिया। सूचना पर पहुंची गौतम पल्ली की पुलिस लड़कियों को अपनी गाड़ी में बिठा कर थाने ले आई और समझा-बुझाकर इको गार्डन धरना स्थल पर पुनः वापस भिजवा दिया।