योगी सरकार अब पत्रकारों की मदद के लिए केंद्र की कल्याण योजना का लाभ देने जा रही है। अब इस योजना का लाभ गैर मान्यता प्राप्त और स्वतंत्र पत्रकार भी उठा सकेंगे। योजना की पात्रता के लिए भारत सरकार या किसी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से मान्यता प्राप्त होना चाहिए। अगर मान्यता प्राप्त नहीं है और वे प्रिंट, इलेक्ट्रानिक या वेब आधारित सेवाओं से पिछले कम से कम पांच वर्षों से जुड़े हैं, तो भी वे इस योजना के दायरे में आएंगे।
अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने बताया कि पत्रकार की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। स्थाई दिव्यांगता के मामले में पत्रकार को 5 लाख रुपये, कैंसर, रीनल फेल्योर, बाईपास, ओपन हार्ट सर्जरी, एंजियोप्लास्टी, ब्रेन हैमरेज और लकवाग्रस्त होने जैसी गंभीर बीमारी की दशा में 3 लाख रुपये और किसी गंभीर दुर्घटना के कारण उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर 2 लाख रुपये देने का प्रावधान है।