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पत्रकार की हत्या: पत्नी बोली, दो दिन में न गिरफ्तार हुए मुजरिम तो डीएम ऑफिस के सामने करूंगी आत्मदाह

Sun, 29 Nov 2020 02:25 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक की पत्नी विभा सिंह। - फोटो : amar ujala
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बलरामपुर में शुक्रवार की रात कोतवाली देहात बलरामपुर के ग्राम कलवारी निवासी पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक तथा उनके साथी हिंदूवादी नेता पिंटू साहू की जलाकर की गई हत्या का मामला तूल पकड़ने लगा है।

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पत्रकार की शवयात्रा से पूर्व उनकी पत्नी विभा सिंह ने कहा कि मुझे पुलिस पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। यदि दो दिन के अंदर सभी मुजरिम गिरफ्तार नहीं हुए तो वह कलेक्ट्रेट जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अपनी दो बेटियों के साथ आत्मदाह कर लेंगी।



उन्होंने पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लगाए। मौके पर पहुंचे सदर विधायक पलटू राम ने पत्रकार की पत्नी को दो दिन के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया और कहा कि विभा सिंह को नौकरी तथा बेटियों को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। विधायक के आश्वासन के बाद पत्रकार का शव श्मशान घाट के लिए भारी सुरक्षा के बीच रवाना हुआ।

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राकेश चीख-चीखकर कह रहा था कि वह एक बड़ी खबर लिख रहा था...

बता दें कि थाना कोतवाली बलरामपुर देहात के ग्राम कलवारी में राकेश सिंह निर्भीक (35) पत्रकार अपनी पत्नी व दो बेटियों के साथ रहते थे। बीते दिन उनकी पत्नी विभा सिंह बेटियों के साथ नगर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी अपनी ननद के यहां गई थी।

शुक्रवार रात राकेश ग्राम विशुनीपुर निवासी अपने मित्र पिंटू साहू (36) के साथ अपने घर में थे। मध्यरात्रि कमरे में अचानक आग लग गई। आग में राकेश और पिंटू बुरी तरह से झुलस गए। कमरे की एक दीवार भी धमाके के साथ क्षतिग्रस्त हो गई। झुलसने के चलते पिंटू साहू की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची फायर सर्विस तथा पुलिस की टीम ने आग पर काबू पाया और राकेश को इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय ले गई।

अस्पताल में राकेश चीख-चीखकर कह रहा था कि वह एक बड़ी खबर लिख रहा था। इसी वजह से पंच व प्रधान आदि लोगों ने उसे जिंदा जला दिया। हालांकि उसने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया है। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। पुलिस ने उसे लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान राकेश ने भी दम तोड़ दिया।

बाहर से बंद था कमरे का दरवाजा

जिस कमरे में राकेश सिंह निर्भीक व पिंटू साहू के साथ घटना हुई है उस कमरे के दरवाजे में बाहर से ताला बंद था। इन दोनों के मोबाइल भी कमरे के बाहर मेज पर रखे हुए थे। राकेश की पत्नी का कहना है कि ताला उनके घर का नहीं है। कयास लगाया जा रहा है कि कमरे के बाहर का दरवाजा दबंगों ने ही लॉक किया होगा।

एसपी बलरामपुर देवरंजन वर्मा ने बताया कि कलवारी गांव निवासी पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक व उनके साथी पिंटू साहू की कमरे में जलने से मौत हुई है। घटना संदिग्ध है। पूरे मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है। तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इन तीनों में एक वर्तमान और एक पूर्व प्रधान शामिल हैं। शीघ्र ही घटना के कारणों का खुलासा कर दिया जाएगा।
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पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग, शीघ्र खुलासे का दावा

पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक और उनके साथी पिंटू साहू की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को अहम सुराग हाथ लगने का दावा किया है। पुलिस की दो टीमें लगातार दोषियों की तलाश में जुटी है। दोनों मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जलने से मौत होने की पुष्टि हुई है। घर की दीवार कैसे क्षतिग्रस्त हुई इस बात की भी गहन पड़ताल की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा करने का दावा पुलिस कर रही है।

रविवार को एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई हैं। एक टीम फील्ड में घटना से जुड़े साक्ष्यों व व्यक्तियों को खंगालने में जुटी है तो दूसरी टीम सर्विलांस के जरिए घटनाक्रम खंगाल रही है। पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। रविवार देर रात तक उम्मीद है कि घटना के रहस्यों से पर्दा उठ जाएगा। घटना में जो भी शामिल होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।


 
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