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मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने वाले पत्रकार प्रशांत कनौजिया को किया गया रिहा, रखी यह शर्त

Wed, 12 Jun 2019 09:43 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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पत्रकार प्रशांत कनौजिया - फोटो : ANI
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में जेल में बंद पत्रकार प्रशांत कनौजिया को बुधवार देर शाम रिहा कर दिया गया। प्रभारी सीजेएम संजय कुमार ने 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें और 20 हजार का व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने पर उसे सशर्त रिहा करने का आदेश दिया।
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कोर्ट ने आदेश में कहा कि प्रशांत कनौजिया पर जिस अपराध को करने का आरोप है, वह उसकी पुनरावृत्ति नहीं करेगा। साथ ही इस मामले से संबंधित किसी गवाह या व्यक्ति को गवाही न देने के लिए किसी प्रकार की धमकी नहीं देगा व साक्ष्यों को बिगाड़ेगा नहीं।

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इससे पहले अदालत में प्रशांत कनौजिया की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही उसे जमानत पर रिहा करने की मांग वाली अर्जी दी गई। इस पर अभियोजन की ओर से कोई विरोध नहीं किया गया। हालांकि, अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट को यह जरूर बताया कि प्रशांत पर लगाए गए आरोप अजमानतीय हैं। जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि न्यायालय का आदेश मिलने पर प्रशांत कनौजिया को शाम 7 बजे जेल से रिहा कर दिया गया। 

गौरतलब है कि गत 7 जून को हजरतगंज थाने के दरोगा विकास कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि प्रशांत कनौजिया ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। पुलिस ने 8 जून को उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इसके बाद प्रशांत की पत्नी जिगिशा अरोड़ा ने प्रशांत की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत को तत्काल रिहा करने का आदेश पारित किया था।   
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