इससे पहले अदालत में प्रशांत कनौजिया की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही उसे जमानत पर रिहा करने की मांग वाली अर्जी दी गई। इस पर अभियोजन की ओर से कोई विरोध नहीं किया गया। हालांकि, अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट को यह जरूर बताया कि प्रशांत पर लगाए गए आरोप अजमानतीय हैं। जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि न्यायालय का आदेश मिलने पर प्रशांत कनौजिया को शाम 7 बजे जेल से रिहा कर दिया गया।
गौरतलब है कि गत 7 जून को हजरतगंज थाने के दरोगा विकास कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि प्रशांत कनौजिया ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। पुलिस ने 8 जून को उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इसके बाद प्रशांत की पत्नी जिगिशा अरोड़ा ने प्रशांत की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत को तत्काल रिहा करने का आदेश पारित किया था।