पिछली सरकार के रुचि न लेने से प्रदेश में पिछड़ चुकी प्रधानमंत्री आवास योजना को गति देने के लिए राज्य सरकार ने कवायद शुरू की है। राज्य व शहरों में सरकार ने लगभग 260 पदों पर विशेषज्ञों की भर्ती करने का फैसला किया है। दोनों स्तरों पर योजना की मॉनिटरिंग केलिए भी टेक्निकल सेल का गठन किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने 2015 में सभी को आवास मुहैया कराने के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) शुरू की थी, लेकिन प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार ने कोई रुचि नहीं दिखाई। अलबत्ता 2016 में करीब एक साल बाद सपा सरकार ने योजना की शुरुआत तो की लेकिन गति काफी धीमी रही। इस वजह से अन्य प्रदेशों की तुलना में यूपी में यह योजना काफी पिछड़ गई।
अब इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने कई स्तरों पर काम शुरू किया है। योजना के क्रियान्वयन और उस पर बारीकी से नजर रखने के लिए राज्य में ‘स्टेट लेवल टेक्निकल सेल’ (एसलटीसी) व शहरों में ‘सिटी लेवल टेक्निकल सेल’ (सीएलटीसी) का गठन करने का फैसला किया गया है। इन दोनों सेल में वित्तीय प्रबंधन, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, आवासीय योजना, इंजीनियरिंग आदि क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों की भर्ती की जाएगी।
नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग ने इस संबंध में निदेशक राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) को दोनों स्तर पर सेल गठित करने के साथ ही 260 पदों पर विशेषज्ञों की भर्ती करने के निर्देश दिए हैं।
इन पदों पर होंगी भर्तियां
स्टेट लेवल टेक्निकल सेल (कुल 10 पद)- राज्य स्तर पर गठित होने वाले इस सेल में अर्बन प्लानर एंड टाउन प्लानिंग स्पेशलिस्ट, हाउसिंग फाइनेंस एंड पॉलिसी स्पेशलिस्ट, म्यूनिसपल एंड सिविल इंजीनियर, पीपीसी स्पेशलिस्ट, अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर स्पेशलिस्ट, सोशल डवलपमेंट स्पेशलिस्ट, कैपिसिटी बिल्डिंग व इंस्टीट्यूशनल स्ट्रेंथनिंग स्पेशलिस्ट, एमआईएस स्पेशलिस्ट, आईईसी एंड नॉलेज मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट एवं प्रोक्योरमेंट स्पेशलिस्ट के पदों पर भर्ती होगी।
सिटी लेवल टेक्निकल सेल (कुल 250 पद)- इसमें म्यूनिसपल एंड सिविल इंजीनियर के 75 पद, सोशल डवलपमेंट स्पेशलिस्ट के75 पद, एमआईएस स्पेशलिस्ट के 75 पद, म्यूनिसपल फाइनेंस स्पेशलिस्ट के 21 पद और अर्बन प्लानर एंड टाउन प्लानिंग स्पेशलिस्ट के 4 पद शामिल हैं।