पिछले 20-25 साल से काम कर रहे मौसमी (सीजनल) संग्रह अमीनों को संग्रह अमीन के पद पर विनियमित कर पक्की नौकरी देने की तैयारी है। इसके लिए बुधवार को प्रदेश कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश कलेक्शन अमीनों की सेवा (सातवां संशोधन) नियमावली-2015 को मंजूरी मिल सकती है। 2001 से विनियमित होने की लड़ाई लड़ रहे सीजनल संग्रह अमीनों के लिए सरकार का प्रस्तावित कदम उनका वनवास पूरा होने जैसा है। 2743 संग्रह अमीन इसका सीधे फायदा पाएंगे।
जानकार बताते हैं कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2001 में सामयिक संग्रह अमीनों की भर्ती पर रोक लगा दी थी। साथ ही सीधी भर्ती के संग्रह अमीनों के 50 प्रतिशत पदों पर सीजनल संग्रह अमीनों को समायोजित करने पर सहमति बनी थी।
सीजनल संग्रह अमीन तभी से इस पर अमल की मांग कर रहे थे, पर यह प्रस्ताव 14 साल बाद अब आगे बढ़ पाया है।
नियमावली में संग्रह अमीन के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से, 15 प्रतिशत पद संग्रह अनुसेवक से व 35 प्रतिशत पद सीजनल संग्रह अमीनों से भरने की व्यवस्था है।