रक्षा उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) अहम भूमिका निभाने जा रहा है। राज्य में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के 6 नोड आगरा, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर, चित्रकूट और झांसी हैं। इन नोड्स में करीब 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हो गया है, जिससे 40 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
सभी छह नोड्स में से अलीगढ़ में सबसे ज्यादा 23 उद्योग समूहों को जमीन आवंटन हो चुका है, जबकि 16 पाइप लाइन में हैं। इसके बाद झांसी में 8 को जमीन मिल चुकी है, जबकि 22 कंपनियां पाइपलाइन में हैं। इसी प्रकार लखनऊ में 6 कंपनियों को जमीन मिल गई है और 25 पाइपलाइन में हैं। कानपुर नोड में भी 5 कंपनियों को जमीन प्राप्त हो गई है, जबकि 19 पाइपलाइन में हैं। चित्रकूट और आगरा में अभी कंपनियों को भूमि आवंटन नहीं हुआ है। आगरा में 5 कंपनियां पाइपलाइन में हैं।
लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस और एयरॉली टेक्नोलॉजीज, झांसी में भारत डायनेमिक्स, अलीगढ़ में एनकोर रिसर्च लैब्स और एमीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स, कानपुर में अडानी डिफेंस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजीज और आधुनिक मैटेरियल एंड साइंस जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। अडानी समूह और आधुनिक मैटेरियल व अलीगढ़ में एमीटेक में उत्पादन शुरू भी हो चुका है। झांसी में ग्लोबल इंजीनियर्स, फेरेट्रो इंडिया, डब्ल्यू बी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को जमीन आवंटन हो चुका है।