घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी
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हसनगंज के डालीगंज सीतापुर रोड स्थित कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी धीरेंद्र दास की गोली मारकर हत्या के आरोप में पुलिस ने हरदोई निवासी गंगाराम को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गंगाराम ने प्रेम सिंह चौहान और जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू के साथ मिलकर वारदात की थी। प्रशासनिक अधिकारी की हत्या की साजिश मड़ियांव निवासी आलोक वर्मा ने अपने साथी सुधीर पांडेय के साथ रची थी।
सुधीर और आलोक को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। एडीसीपी ने बताया कि आलोक वर्मा आठ साल से कबीर मठ में रह रहा था, लेकिन कुछ दिनों पहले गलत हरकतों के चलते वहां से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह मड़ियांव के फैजुल्लागंज दाउदनगर स्थित विष्णुपुरी कॉलोनी में किराये का कमरा लेकर रहने लगा। उसने बदला लेने के लिए ही प्रशासनिक अधिकारी पर हमले की साजिश रची। इसके लिए उसने अपने ही साथ रहने वाले हरदोई के अतरौली में पचकरिया देवी इंटर कॉलेज निवासी गंगाराम से संपर्क किया। आलोक ने गंगाराम को रुपये और जमीन का लालच दिया।
गंगाराम ने अतरौली के भटपुर निवासी प्रेम सिंह चौहान और गोकुल बेहटा स्थित दानपुर निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू को लेकर सोमवार सुबह कबीर मठ पहुंचा और बारात घर की बुकिंग के बहाने प्रशासनिक अधिकारी को कार्यालय में बुलाकर गोलियां मार दीं। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए 25 अगस्त को आलोक व सुधीर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को गंगाराम भी पकड़ लिया गया। शेष दो शूटरों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।