कई क्विंटल फूलों से सजा दरबार। सवा क्विंटल के छप्पन भोग समेत ढाई
क्विंटल फलों का महाप्रसाद। तीन बाणधारी बाबा के भजन-कीर्तन में लीन भक्त।
यह नजारा था शनिवार की शाम निशातगंज बंधा मार्ग स्थित खाटू श्याम धाम मंदिर
में आयोजित श्री श्याम झूला उत्सव समारोह का। भजन रस गंगा में मास्टर पवन
मिश्रा, मंजू यादव के साथ वृंदावन से आए चित्र-विचित्र बंधुओं ने बाबा का
गुणगान किया।
भजन रस गंगा की शुरुआत मास्टर
पवन मिश्रा ने ‘गजानन सरकार पधारो, कीर्तन की सब तैयारी है...’ से की। इसके
बाद उन्होंने ‘श्याम झूले हनुमत झूले-झूले शंकर त्रिपुरारी, राधा रानी
झूला झूले ओढ़े चूनर तारा री...’, मेरा सांवला सलोना घनश्याम सावन में झूले
झूम-झूम के...’ से रंग जमाया।
मंजू यादव ने ‘लिखने वाले ने लिख डाला कोई
बता न पाया, श्याम मेरी क्या है माया कोई समझ न पाया...’ पर भक्तों को
झुमाया। इसके बाद चित्र-विचित्र बंधुओं ने एक के बाद एक भजन सुनाए।
‘हारे
का है तू सहारा सांवरे, हमने भी तुमको पुकारा सांवरे...’ पर भी भक्त झूमे।
भजन संध्या के बीच कतारों में लगे भक्तों ने श्याम बाबा और झुनझुन वाली
दादी को झूले पर झुलाया। दादी के चित्र पर चुनरी चढ़ाई।
आरती के बाद बाबा
को छप्पन भोग लगाया गया। देर रात भजन संध्या का समापन गुलाब की पंखुड़ियों
और गेंदे के फूलों की होली से हुआ।
परिवार के मीडिया प्रभारी सुधीश गर्ग ने
बताया कि 28 अगस्त को जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। इस मौके पर परिवार
की ओर से द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी में सराहनीय कार्य करने वाले भक्तों
को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।