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लखनऊ: मुंबई क्राइम ब्रांच का डीसीपी बनकर ज्वैलर्स से 3 करोड़ रुपये ठगे, छोटी खरीदारी से शुरूआत कर बड़ी चपत लगाई

Sat, 04 Sep 2021 12:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

महानगर पुलिस ने मुंबई क्राइम ब्रांच का डीसीपी बनकर ज्वैलर्स के यहां तीन करोड़ की ठगी करने वाले जालसाज को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके घर से ठगी कर जुटाए तीन करोड़ के जेवरात बरामद कर लिए।
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आरोपी राजीव सिंह से बरामद पहचान पत्र व जेवर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुंबई क्राइम ब्रांच का डीसीपी बनकर ज्वैलर्स से 3 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले जालसाज राजीव सिंह को एसटीएफ और महानगर की पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 5.743 किलो सोने के जेवरात जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये है। बरामद कर लिया है। उसके पास से दो मोबाइल, नकदी और डीसीपी क्राइम ब्रांच मुंबई का पहचान पत्र भी मिला है।

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एसटीएफ एसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, महानगर के मोहन श्याम कल्याणदास ज्वैलर्स के मालिक नितेश रस्तोगी ने बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि अलीगंज के सेक्टर पी निवासी राजीव सिंह उनका पुराना ग्राहक है। उसके पिता बिजेंद्र पाल सिंह रिटायर इंस्पेक्टर है।

बिजेंद्र पाल की पत्नी विमला उनकी अमीनाबाद दुकान पर 2003 से अपनी सहेली के साथ आती थीं। इसके बाद उन्होंने खुद कई बार जेवरात खरीदे। नितेश ने पुलिस को बताया कि 2005 में राजीव अपनी मां के साथ अमीनाबाद की दुकान पर पहली बार आया था। महानगर के गोल मार्केट में अपनी नई दुकान खोली । यहां बिजेंद्र पाल की पत्नी ने घर के नजदीक होने के कारण अक्सर आती थी।

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छोटी खरीदारी से बनाई नजदीकी, फिर लगाई बड़ी चपत

एसपी एसटीएफ के मुताबिक, नितेश ने बताया कि मां के साथ राजीव महानगर की दुकान पर कई बार उनकी दुकान पर आया। उसने खुद को बताया कि उसका चयन आईपीएस के पद पर हो गया है। उसे महाराष्ट्र कैडर मिला है। मुंबई के क्राइम ब्रांच में बतौर डीसीपी तैनाती भी हो गई है। यह सुनकर नितेश की नजदीकी बढ़ गई। इसके बाद आरोपी राजीव सिंह ने दुकान से कई बार छोटी-छोटी खरीदारी की। इसका भुगतान कर देता था। जब नजदीकी ज्यादा हो गई तो तो दोनों के बीच मोबाइल पर भी बातचीत होने लगी।

जुलाई और दिसंबर के बीच की तीन करोड़ से अधिक की खरीदारी
प्रभारी निरीक्षक महानगर प्रदीप सिंह के मुताबिक, आरोप है कि बीते साल जुलाई में राजीव ने मोहन श्याम कल्याणदास ज्वैलर्स की दुकान से 67 लाख और दिसंबर में 1.95 करोड़ रुपये के सोने के जेवर खरीदे। बदले में राजीव ने उनको सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सात अलग-अलग राशि वाले चेक दिए। इन चेक पर कुल 3.17 करोड़ रुपये की राशि दर्ज की थी। चेक पोस्ट डेटेड थे।

इसके बाद राजीव अक्सर कॉल कर उन्हें नकदी देने की बात कह चेक लगाने से रोक देता था। इस बीच चेक का टाइम बार्ड हो गया और नितेश चाहकर भी भुगतान के लिए चेक नहीं लगा सकते थे। शक होने पर नितेश ने कई बार कॉल की, पर राजीव ने फोन ही नहीं उठाया। दुकान के कर्मचारी राजीव के घर पहुंचे तो वह धमकाने लगा और जेवरात लौटाने व रकम देने से मना कर दिया।

इसके बाद नितेश ने बृहस्पतिवार को महानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसका खुलासा करने के लिए एसटीएफ के एसपी की टीम और महानगर इंस्पेक्टर की टीम को लगाया गया। शुक्रवार दोपहर में करीब पांच बजे पुलिस ने आरोपी को अलीगंज उसके आवास के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पिता इंस्पेक्टर के पद से हुए थे रिटायर

पुलिस के मुताबिक, करोड़ों की ठगी करने वाले राजीव सिंह के पिता यूपी पुलिस में तैनात थे। वह बतौर इंस्पेक्टर 2014 में सीतापुर से रिटायर हुए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जब गिरफ्तार किया गया तो वह मुंबई भागने की फिराक में था। पुलिस ने उसके घर से ठगी कर जुटाए तीन करोड़ के जेवरात बरामद कर लिए।

बहन की शादी के नाम पर खरीदे दो करोड़ के जेवरात
नितेश के मुताबिक, ठगी में राजीव के मां-पिता भी हिस्सेदार हैं। वह अक्सर दुकान में साथ आते थे। पिछले साल पहली खरीदारी 19 मार्च को 43.51 लाख के जेवरात की थी। सिर्फ 20 लाख का भुगतान किया। इसके बाद 27 व 29 जुलाई को एक करोड़ एक लाख तिरसठ हजार इकतीस रुपये के जेवरात झांसा देकर हासिल कर लिए। बदले में महज 2.68 लाख रुपये का भुगतान किया। इस बार भी तीनों आए थे। इसके बाद दिसंबर में आया और कहा कि बहन की शादी होने वाली है। ससुराल वाले पसंद से जेवरात खरीदेंगे। उनके जाने के बाद भुगतान कर देंगे। 24 दिसंबर को दुकान पहुंचे और 1.95 करोड़ रुपये के जेवरात पसंद कर लिए। इसके बाद 1,22,31,041 रुपये का पोस्ट डेटेड चेक दिया।
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बीमारी व हादसे का बहाना बनाकर करता था टालमटोल

नितेश के मुताबिक, रकम मांगने पर आरोपी कभी हादसे में पैर टूटने की बात कहता तो कभी मां-पिता के हार्ट के ऑपरेशन की। दो बार संक्रमित होने की बात कहकर टाल दिया। जब वह कर्मचारियों के साथ उसके घर पहुंचे तो उसने बताया कि नोएडा में एक जमीन जेवर एयरपोर्ट में अधिग्रहीत कर ली गई है। बदले में सरकार से पांच करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। यह रकम मिलते ही बकाया दे देगा। इसके बाद पूरे परिवार ने मोबाइल बंद कर लिया।
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