लखनऊ। महीने के तीसरे शनिवार को होने वाले समाधान दिवस के तहत शनिवार को डीएम विशाख जी ने तहसील मलिहाबाद में शिविर लगाया। इस दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की शिकायतों की सुनवाई करते हुए जेई जलनिगम का वेतन रोककर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। जिले की पांचों तहसील में कुल 567 शिकायतों में 117 का मौके पर निस्तारण कराया गया।
सुनवाई के दौरान स्थानीय निवासी यूसुफ ने नगर पंचायत में पेयजल पाइपलाइन के काम की वजह से सड़कों की खोदाई के बाद उनकी मरम्मत न करने की शिकायत की। प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर डीएम ने जलनिगम के जेई शशांक वर्मा से काम पूरा करने की मियाद पूछी। उन्होंने 10 दिन का वक्त बताया। इस पर डीएम ने कहा कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं हो जाएगी, तब तक वेतन रुका रहेगा। लीलाखेड़ा मजरा कटौली निवासी श्याम सुंदर ने खेत की पैमाइश की मांग की। डीएम ने एसडीएम को निर्देशित करते हुए राजस्व टीम का गठन करते हुए जांच का आदेश दिया। राजमार्ग पर कब्जा मिलने पर लेखपाल पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
डीएम ने बताया कि सदर में 22 में से चार, मलिहाबाद में 125 में से 45, बीकेटी में 128 में से 25, मोहनलालगंज में 215 में से 37, सरोजनीनगर में 77 में से 6 प्रकरणों का निस्तारण कराया गया। सीडीओ अजय जैन, एसडीएम अंकित कुमार समेत तमाम विभागीय अफसर मौजूद रहे।
बहू ने बुजुर्ग को घर से निकाला, पुलिस ने घर पहुंचाया
चार दिन पहले घर से निकाली गई एक बुजुर्ग महिला की समाधान दिवस पर मिली शिकायत पर एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा ने महिला को वापस सकुशल घर पहुंचाया।
गौरा गांव निवासी बुजुर्ग महिला मधु (75) ने बताया कि पति बृजमोहन का 10 साल पहले निधन हो चुका है। वह बेटे नंदू व बहू गुड्डी के साथ रहती है, लेकिन बहू प्रताड़ित करती है, खाना नहीं देती। बुधवार को घर से निकाल दिया, तब से वह भटक रही थी। शनिवार को किसी तरह तीन किमी पैदल चलकर समाधान दिवस में पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई। एसीपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने महिला को जलपान करवाकर घर पर छोड़ा और बेटे व बहू को चेतावनी दी कि दोबारा शिकायत करने पर कार्रवाई की जाएगी।