आम आदमी पार्टी से टिकट पाए अभिनेता जावेद जाफरी भले ही राजनीति में नये हो पर वहा वोटरों को लुभाने के तरीके जानते हैं, आते ही उन्होने यह जता दिया है कि उनका एजेंडा आम आदमी को अपने साथ जोड़ने का है।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी आम और गरीब लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा था और दिल्ली के मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया।
अब केजरीवाल की पार्टी ने लखनऊ लोकसभा क्षेत्र से फिल्म अभिनेता जावेद जाफरी को टिकट दिया है, उम्मीद की जा रही है कि अगर वोटों का ध्रुरीकरण होता है तो आप को यहां लाभ मिल सकता है।
यह था मामला
शनिवार को जनसंपर्क अभियान पर निकले अभिनेता जावेद जाफरी दोपहर को मोहन मार्केट मोड़ के पास सड़क पर खड़े रिक्शेवाले से हाथ मिलाकर उसे एक हजार रुपये का नोट देते हुये देखे गये।
नजारा देख जैस ही मीडियाकर्मियों की भीड़ उधर घूमी, कैमरे उधर घूमे पहले तो जाफरी और उसके बाद वो रिक्शवाला वहां से खिसक लिया।
मीडियाकर्मियों ने दौड़ाकर उसे पकड़ा तो उसने नाम रामनरेश बताया। इसकेबाद शाम तक उनका प्रचार लालबाग, मौलवीगंज इलाकों में जारी रहा।
पुलिस को नहीं मिली जानकारी
हालांकि इस बारे में उनके प्रचार जूलूस में साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने ऐसी किसी भी जानकारी से इंकार किया है, जबकि उनके मीडिया प्रभारी बद्री नारायण ने मामले को झूठा बताया है।
उन्होंने कहा कि जावेद लोगों से हाथ मिलाकर छोटे पंफलेट बांट रहे थे, जिसे गलत समझा जा रहा है।
जावेद लखनऊ में रोड शो भी कर चुके हैं लेकिन ज्यादा भीड़ इकट्ठी नहीं कर सके ह़ैं।
उन्हें लखनऊ में इलियाज आजमी की जगह टिकट दिया गया है, आजमी काफी कोशिशों बाद भी टिकट नहीं हासिल कर सके।
फंस सकते हैं आचार संहिता उल्लंघन मामले में
जावेद जाफरी आचार संहिता उल्लंघन के घेरे में आ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो आम आदमी पार्टी के लिए यह नई बात नहीं होगी क्योंकि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान 'आप' पर कई इस तरह के मामले दर्ज हुए।
जावेद भले ही भीड़ जुटाने में कामयाब न हो सके हो लेकिन अपने बयानों से वह चर्चा में हैं। उन्होने रोड शो के दौरान बयान दिया था कि उन्हें अल्पसंख्यक शब्द से नफरत है।
जावेद के पहले इलियाज आजमी और लाल बहादुर शास्त्री के पोते आदर्श शास्त्री को भी लखनऊ से टिकट दिये जाने की चर्चा जोरों पर थी।