लखनऊ। गुडंबा रिंग रोड पर आदिलनगर स्थित जनता हॉस्पिटल स्वास्थ्य विभाग के सह पर अवैध तरीके से संचालित हो रहा था। अस्पताल का पंजीकरण तक नहीं था। आवेदन करके अस्पताल का संचालन शुरू हो गया था। इसका खुलासा एडी के जरिये जांच में हुआ है।
विकासनगर के आनंद कुमार गौतम की पत्नी सुषमा देवी (28) को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर जनता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हिंद हॉस्पिटल की डॉ. रूपाली ने ऑपरेशन किया था। पति आनंद ने बताया कि ऑपरेशन के बाद से टांकों से खून रिस रहा था। डॉक्टर व नर्स ने लापरवाही बरती थी। हालत बिगड़ने पर प्रसूता को दूसरे निजी अस्पताल भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रसूता की मौत अधिक रक्तस्त्राव होने से हुई है। वहीं, सीएमओ आफिस जरिये अभी तक जांच शुरू नहीं कराई गई थी। कोई भी अधिकारी अवैध अस्पताल झांकने तक नहीं गया था। ऐसे में संचालक धड़ल्ले से अस्पताल चला रहा था।
इमरजेंसी में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिला
एडी मंडल मंगलवार को टीम के साथ जनता अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्हें इमरजेंसी में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिला। वहां बीएमएस विधा का डॉक्टर ईएमओ बना बैठा था। टीम ने अस्पताल का पंजीकरण मांगा, तो वह नहीं दिखा पाया। संचालक ने आवेदन करने की बात कही। संचालक के पास डॉक्टरों के पैनल की लिस्ट भी नहीं थी। फायर व प्रदूषण एनओसी भी नहीं मिली। ओटी में भी तमाम खामियां मिलीं। टीम ने अब नोटिस जारी किया है और प्रसूता का सिजेरियन कराने वाली डॉक्टर व बेहोशी के डॉक्टर को तलब किया है।