जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के ब्लैक लिस्ट होने के मामले में निगम ने सरकार के सामने अपना पक्ष रखा है। निगम के अफसरों का कहना है कि सरकार ने निगम को आर्थिक राहत देने पर सहमति दे दी है। इससे जल्द ही हालात सुधर जाएंगे। सीएंडडीएस को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही उसे दिए गए सभी कार्य भी निरस्त कर दिए गए थे।
इस पर निगम ने सरकार के सामने अपना पक्ष रखा है। निगम ने विभिन्न विभागों में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान फंसे होने के कारण निगम के आर्थिक संकट व इसकी वजह से कार्यों के पूरा न होने में आई दिक्कतों का हवाला दिया है। यह भी बताया है कि किन परियोजनाओं में कितना काम किया गया और किनमें कितनी राशि का निगम को भुगतान मिला है। लॉकडाउन होने की वजह से भी काम बाधित हुए।
गौरतलब है कि निगम के नियमित कर्मियों के वेतन व पेंशनर्स का समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। हजारों पेंशनरों ने करीब चार महीने से पेंशन का भुगतान न होने की बात उठाई है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री तक से शिकायत की गई है। निगम ने इस समस्या के समाधान के लिए पिछले दिनों सरकार के सामने दो प्रस्ताव रखे थे।