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जल निगम को सिर्फ वीआईपी इलाके की परवाह, बाकी सड़कें बनाने में लापरवाह

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लखनऊ। जल निगम के काम करने का तरीका वीआईपी इलाके और आम लोगों के क्षेत्र में अलग-अलग है। वीआईपी इलाकों में तेजी से काम होता है, जबकि आम लोगों की जब बात आती है तो सुविधाओं की रफ्तार सुस्त हो जाती है।
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जल निगम ने पिछले दिनों अमृत योजना में गौतमपल्ली और विक्रमादित्य मार्ग पर गहरी सीवर लाइन का काम शुरू कराया। यहां केवल पांच महीने में ही काम खत्म होकर सड़क भी बना दी गई। यहां काम हुआ तो पूरे निर्माण साइट को खोदने से पहले ही बैरिकेड कर कवर कर दिया गया, ताकि मिट्टी सड़क पर न आ जाए। बिना लोगों को दिक्कत यहां काम पूरा करा दिया। पीडब्ल्यूडी ने भी साथ में सड़कों को रीस्टोर कर वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क बना दी। खुद अधिकारियों का कहना है कि एक भाग में काम होने के बाद ही आगे काम शुरू किया जाता था।
यहां किसी को चिंता नहीं रही
इसके उलट शाहनजफ रोड, सप्रू मार्ग, राणा प्रताप मार्ग, महात्मा गांधी मार्ग पर जब जल निगम ने काम शुरू कराया तो लोगों की सहूलियत का ध्यान दूर बिना किसी योजना के मनमाने तरीके से काम किया। पूरे इलाके की सड़कों को खोद डाला गया। सड़कें खोदते समय न निर्माण साइट को कवर किया गया न आसपास मिट्टी फै लने से होने वाली दिक्कत का ध्यान रहा। अधिकारी मौके पर जाते तक नहीं। लोगों को दिक्कत होने के बाद भी काम तेज करने को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पीडब्ल्यूडी ने भी यहां जल निगम के साथ मिलकर काम करने की जगह खुद भी डक्ट बनाने का काम शुरू करा दिया। बारिश के शुरू होने के साथ इससे दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
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30 दिन में काम पूरा करें या पेनल्टी भरें
अमर उजाला की ओर से मुद्दा उठाए जाने के बाद सोमवार को मंडलायुक्त रंजन कुमार ने जल निगम, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें कहा कि जल निगम शुक्रवार तक गड्ढों और दूसरे गहरे चैंबर्स के काम पूरे कर उन्हें कवर करे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी को सड़कें हैंडओवर की जाएं, ताकि सड़कों को वाहनों के चलने लायक बनाया जा सके। खासतौर पर उन्होंने शाहनजफ रोड, सप्रू मार्ग, राणा प्रताप मार्ग और महात्मा गांधी मार्ग के रीस्टोरेशन का काम पीडब्ल्यूडी से तेज करने को कहा है। आसपास की नगर निगम की सड़कों को बनाने का काम भी तेज कराया गया है। मंडलायुक्त का कहना है कि 74 किमी में स्मार्ट सिटी मिशन में सीवर लाइन का काम यहां होना है। इसी तरह आलमबाग में भी 155 किमी में काम सीवर लाइन का चालू है। सभी सड़कों को सुधारने और काम पूरा करने के लिए 30 दिन का समय अधिकारियों को दिया गया है। ऐसा नहीं होने पर विभागों पर पेनल्टी लगाने की चेतावनी उन्होंने दी है। इसके लिए विभाग मशीनें और मानव श्रम बढ़ाकर मिशन मोड में काम कराएंगे। अगर कहीं जल निगम को नगर निगम या पीडब्ल्यूडी से अनुमति की जरूरत तो यह भी दो दिन के अंदर पूरा किया जाएगा।
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