काकोरी विकास खंड के चतुरी खेड़ा निवासी रेनू का हीमोग्लोबिन स्तर आठ जी प्रति डीएल था। उसे आयरन की गोली दी गई। माहभर बाद दोबारा जांच हुई तो कोई खास सुधार नहीं था। चिकित्सक ने सुबह-शाम गुड़ खाने की सलाह दी। हरी पत्तेदार सब्जियां, चना नियमित दिया गया। माहभर में उसका हीमोग्लोबिन 10 तक पहुंच गया।
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चिनहट सीएचसी पर टीकाकरण कराने आई फूलमती ईंट-भट्ठे पर काम करती थी। गर्भावस्था के दौरान उसकी जांच में हीमोग्लोबिन का स्तर नौ था। उसे दो माह तक सुबह-शाम खाने में गुड़ लेने की सलाह दी गई। इसके बाद उसकी जांच हुई तो हीमोग्लोबिन का स्तर 11 तक पहुंच गया।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं को एनीमिया से बचने के लिए गुड़ खाने की सलाह दी जा रही है। अब सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व टीकाकरण केंद्रों पर आने वाली महिलाओं को इसके लिए प्रेरित किया जाएगा।
15 से 49 वर्ष की उम्र की महिलाओं में खून की कमी
- फोटो : डेमो
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि चना और गुड़ घर में आसानी से उपलब्ध रहता है। इससे महिलाओं में खून की कमी की समस्या रोकी जा सकती है। महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) होने की वजह से प्रसव व प्रसव के बाद कई तरह की बीमारियां होती है।
गर्भवती महिलाओं को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ में 15 से 49 वर्ष की उम्र की 35.4 फीसदी महिलाओं में खून की कमी पाई गई है।
जबकि 59.4 फीसदी में खून की मात्रा सामान्य पाई गई है। मंडल में खून की कमी से ग्रस्त महिलाओं की सर्वाधिक संख्या रायबरेली में है। यहां 51 फीसदी महिलाओं में खून की कमी पाई गई है।
तीन माह में सीएचसी काकोरी में आने वाली 10 महिलाओं को पोषाहार के साथ ही गुड़ खाने की सलाह दी गई। तीन माह बाद इनके ब्लड में हीमोग्लोबिन की मात्रा में दो फीसदी का इजाफा पाया गया।
गुड़ है भरपूर ऊर्जा का स्रोत
डेमो
इसी तरह अन्य जांच रिपोर्ट भी सामान्य पाई गईं। अब सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को गर्भवती व खून की कमी से जूझ रही महिलाओं को सुबहृ-शाम गुड़ खाने की सलाह दी जा रही है। हालांकि इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि महिला का शुगर लेवल सामान्य है या नहीं।
आहार परामर्शदाता रूपाली ने बताया कि गुड़ भरपूर ऊर्जा का स्रोत है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन्स, खनिज पदार्थ के साथ ही आयरन सर्वाधिक मात्रा में पाया जाता है।
यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है। इसमें फोलेट होने की वजह से गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में सहायता मिलती है। पोटैशियम शरीर में इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित करने में मदद करता है। यही वजह है कि अब सभी आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि वे महिलाओं को गुड़ खाने की सलाह दें।
खून में आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है, जिसे एनीमिया कहते हैं। आयरन हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं या रेड ब्लड सेल्स का निर्माण करता है। ये कोशिकाएं ही हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने का काम करती हैं।