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Lucknow News: जगन्नाथ पुरी बनी लक्ष्मण नगरी, रथ की डोरी थाम आस्था में डूबे श्रद्धालु

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जगन्नाथ पुरी बनी लक्ष्मण नगरी
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लखनऊ। राजधानी में बृहस्पतिवार को ऐसा प्रतीत हुआ मानो जगन्नाथ पुरी की आस्था लक्ष्मण नगरी में उतर आई हो। ढोल-नगाड़ों की गूंज, जय जगन्नाथ के उद्घोष, जगह-जगह पुष्पवर्षा और इत्र की खुशबू के बीच भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी नगर भ्रमण पर निकले तो श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए। भक्तों ने प्रभु के रथ की डोरी थामकर उसे आगे बढ़ाया, कई स्थानों पर रथ के आगे झाड़ू लगाकर आशीर्वाद लिया और पूरे शहर को भक्ति के रंग में रंग दिया।
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चौक स्थित बड़ी कालीजी मंदिर से निकली सबसे भव्य रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। देशी-विदेशी फूलों से सजे मुख्य रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी विराजमान थे, जबकि पांच अन्य रथों पर राधा-कृष्ण, सीता-राम, पार्वती-शंकर, हनुमानजी, दुर्गा मां सहित अन्य देवी-देवताओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। चौक, सराफा बाजार और कोनेश्वर देव मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होकर यात्रा पुनः मंदिर पहुंची।

इस्कॉन लखनऊ की ओर से मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु के नेतृत्व में आठवें रथयात्रा महा महोत्सव का आयोजन किया गया। चारबाग स्थित रविंद्रालय से शुरू हुई यात्रा में सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक रथ की डोरी खींची, गुलाबजल का छिड़काव किया और जयघोष के बीच यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए जहांगीराबाद पैलेस तक पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ के रथ के साथ राम दरबार, राधा-कृष्ण और इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद के रथ भी श्रद्धालुओं को दर्शन कराते चले।
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डालीगंज स्थित ऐतिहासिक माधव मंदिर से निकली रथयात्रा में श्रद्धालुओं ने मार्ग पर झाड़ू लगाकर प्रभु का स्वागत किया और आकर्षक रंगोलियां सजाईं। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, आइसक्रीम, शिकंजी और ठंडी छाछ का वितरण किया गया। भगवान जगन्नाथ को 256 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया गया। पूरे दिन राजधानी की सड़कें जय जगन्नाथ के उद्घोष, भक्ति, सेवा और जनभागीदारी की अद्भुत मिसाल बनी रहीं।

जगह-जगह निकाली गई प्रभु श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा
- श्री भगवान जगन्नाथ सेवा समिति की ओर से ऐशबाग से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

- घासमंडी के बाबा गोमतीदास स्थल से दोपहर में यात्रा निकाली गई।

- महंत शत्रुहनदास रथयात्रा कमेटी के तत्वावधान में आयोजित 102वां रथयात्रा महोत्सव काफी भव्य रहा। अमीनाबाद की ऐतिहासिक मारवाड़ी गली से शाम को शुरू हुई इस रथयात्रा में पारंपरिक झांकियां और ढोल-नगाड़े आकर्षण का केंद्र रहे, जहां श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर प्रभु का स्वागत किया।

- श्री वैष्णो देवी सेवा संस्थान की ओर से राजाजीपुरम के अमर शहीद पं. रामप्रसाद बिस्मिल पार्क में शाम को विशेष रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया।
- हिंदू महिला सेवा समिति एवं वैश्य समाज सेवा ने लाटूश रोड सि्थत होटल से यात्रा निकाली। इसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मंगल गीत गाते हुए प्रभु के रथ को आगे बढ़ाया।

जगन्नाथ पुरी बनी लक्ष्मण नगरी

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