लखनऊ में मानकनगर के आरडीएसओ स्थित स्वीमिंग पूल में बृहस्पतिवार सुबह डूबने से आईटीआई के छात्र अंकित गुप्ता (24) की मौत हो गई। मैनेजर उसे अस्पताल ले गया। वहां मृत्यु की पुष्टि होते ही वह परिसर में अंकित का शव व उसकी स्कूटी छोड़कर भाग निकला। उधर, सूचना मिलते ही छात्र के परिवारीजन पहुंचे और हंगामा करने लगे। उनकी तहरीर पर मैनेजर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है।
कानपुर के किदवईनगर के-ब्लॉक निवासी रूपनारायण गुप्ता का बेटा अंकित इंटर की पढ़ाई के बाद लखनऊ आ गया। वह पारा के नरपतखेड़ा में मौसी मीना और मौसा दिनेश के पास रहकर राजाजीपुरम से आईटीआई कर रहा था। साथ ही एसएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
अंकित तीन महीने से तैराकी सीख रहा था। बृहस्पतिवार को वह रोज की तरह सुबह 6.30 बजे तैराकी सीखने निकला, लेकिन करीब 8 बजे वह स्वीमिंग पूल में डूबा मिला। पूल के मैनेजर एमके खोसला ने अन्य कर्मचारियों की मदद से उसे निकाला और आरडीएसओ अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मैनेजर शव छोड़कर भाग गया।
दो घंटे तक अस्पताल में चला बवाल
जांच करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
पूल के मैनेजर के जाने की जानकारी होने पर डॉक्टरों ने आरपीएफ इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार को सूचना दी। उन्होंने अंकित की स्कूटी की डिग्गी खोलकर आधार और अन्य परिचय पत्र निकालकर उसके मौसा व मानकनगर पुलिस को सूचना दी।
10 मिनट बाद मानकनगर इंस्पेक्टर संतोष कुशवाहा, आलमबाग सीओ संजीव कुमार सिन्हा और इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार सिंह पहुंचे। इसी बीच अंकित के मौसा-मौसी भी पहुंच गए। वहीं से उन्होंने हादसे की जानकारी अंकित के पिता को दी। वह सुबह 11 बजे पत्नी के साथ कानपुर से अस्पताल पहुंचे। बेटे का शव देखकर रेखा बेहोश हो गई।
परिवारीजनों ने स्वीमिंग पूल मैनेजर पर हत्या का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर दो घंटे तक बवाल किया। क्षेत्राधिकारी आलमबाग संजीव सिन्हा ने आश्वासन दिया कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस पर हंगामा खत्म हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। अंकित की स्कूटी से कपड़े, स्वीमिंग सूट और पहचान पत्र भी मिला।