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लाहौर से मुजफ्फरनगर हो रही असलहों की तस्करी

Sat, 12 Apr 2014 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई लाहौर से मुजफ्फरनगर में असलहों की सप्लाई कर रही हैं। मामले का सच सामने आने से एनआईए के होश उड़ गए हैं।
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गौरतलब है कि लाहौर से मुजफ्फरनगर को भेजी जा रही रिवॉल्वर व पिस्टल की खेप पिछले दिनों अमृतसर में पकड़ी गई, उससे रैकेट के बड़े पैमाने पर संचालित होने की आशंका है। एटीएस व एनआईए इसकी पड़ताल कर रही हैं।

एजेंसियों को अंदेशा है कि इसके पीछे पाक खुफिया एजेंसी का हाथ है जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हालात को सामान्य नहीं होने देना चाहती हैं।

अमृतसर में छह मार्च को एटीएस ने अटारी इंटरनेशनल रेलवे पर पकड़े गए मुजफ्फरनगर के अनीस अहमद, रईस, आरिफ, नासिर, शहनाज बेगम और रजिया बेगम के पास 11 रिवॉल्वर और 22 मैगजीन बरामद की गई थी।
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एटीएस की पूछताछ में सच सामने आया

पकड़े गये सभी आरोपी समझौता एक्सप्रेस से आए थे। एटीएस ने जब इनसे पूछताछ की तब उन्होंने बताया कि वे लाहौर जा रहे थे और मुजफ्फरनगर के ही राशिद नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें कसीदेकारी का सामान दिया था।

उसने यह सामान लाहौरी दरवाजा के पास रहने वाली हमीदा को देने को कहा था। साथ ही ये भी कहा था कि वहां से कुछ सामान मिलेगा, जिसे वह अपने साथ ले आए।

हमीदा ने उन लोगों को 11 जूसर और कीमा बनाने वाली मशीनें दी थीं। रिवाल्वरों व मैगजीनों को इनके अंदर वेल्ड कर दिया गया था।

जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई वो ये कि इनमें से कुछ सामान राशिद दिल्ली ले जाने वाला था। इनकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही राशिद भूमिगत हो गया।

हालात बिगाड़ने में आईएसआई का हाथ

एटीएस के अलावा इस मामले की एनआईए ने भी जानकारी ली थी। एटीएस के सूत्रों का कहना है कि इस मामले को शस्त्रों की तस्करी का सामान्य रूप नहीं दिया जा सकता।

असलहे जिस तरीके से मुजफ्फरनगर लाए जा रहे थे, उससे इस बात का अंदेशा है कि पहले से ही तनावग्रस्त चल रहे इस जिले में कुछ लोग ऐसे सक्रिय हैं जो हालात को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।

पाकिस्तान से ऐसे ही शस्त्र लेकर आना आसान नहीं है। इससे आशंका है कि पाक खुफिया एजेंसी की मदद से ही यह शस्त्र सप्लाई हो रहे थे।

इसको लेकर एटीएस की पश्चिमी इकाई को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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राहुल ने सबसे पहले किया खुलासा

पिछले नवंबर में पांच राज्यों ‌में विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने ये मुद्दा उठाया था, उन्होने दंगों के पीछे भाजपा और सपा के होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि दंगा के शिकार लोग आईएसआई के संपर्क में हैं।

राहुल ने जांच एजेंसी के एक अधिकारी के हवाले से ये बात कही थी, जिस पर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कड़ी प्रति‌क्रिया देते हुए कहा था कि यह शर्मनाक है कि केंद्र में यूपीए की सरकार होने के बावजूद आईएसआई के लोग यहां खेल कर रहे है।

लेकिन मामले में कोई सबूत न‌ मिलने के कारण इस पर अधिक बात नहीं की गई।

अब मुजफ्फरनगर के तार लाहौर से जुड़ने से जांच एजेंसियां सकते में हैं।
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