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खुल रहे हैं कई राज पर अभी भी रहस्य बनी है IAS अनुराग की मौत

Sun, 28 May 2017 11:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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गेस्ट हाउस में जांच करती एसआईटी टीम। - फोटो : amar ujala
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कर्नाटक काडर के आईएएस अफसर अनुराग तिवारी (35) के दम घुटने की वजह क्या थी? इसका पता लगाने के लिए एसआईटी प्रभारी सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा ने शनिवार दोपहर केजीएमयू पहुंचकर अफसर के शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक बृजेश कुमार श्रीवास्तव का बयान दर्ज किया।
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बंद कमरे में सीएमओ डॉ. जीएस बाजपेयी की मौजूदगी में करीब तीन घंटे तक चिकित्सक से आईएएस की मौत के संभावित कारणों के बारे में सवाल-जवाब किए गए। पैनल में शामिल तीन अन्य चिकित्सकों के बयान रविवार को दर्ज किए जा सकते हैं।

पोस्टमार्टम में चिकित्सकों ने दम घुटने से मौत की बात तो लिखी थी, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं की थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक डॉ. बृजेश कुमार श्रीवास्तव से दम घुटने की संभावित वजहों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि अगर शव बंद कमरे में मिला होता तो धुआं भरने अथवा अन्य कारणों से घुटन के चलते मौत की आशंका हो सकती थी।
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मुंह के पास मिले निशान, मुंह दबाकर मारे के लक्षण

- फोटो : amar ujala
चूंकि, शव बीच सड़क पर पड़ा मिला था, इसलिए मौत इस वजह से नहीं हुई। उनका गला नहीं दबाया गया, न ही फंदा कसा गया। उनके गले अथवा सांस की नली में भी कोई अवरोध नहीं था। न ही उन्हें अस्थमा अथवा सांस की अन्य बीमारी थी जिससे मौत की आशंका हो।

आईएएस के मुंह के आसपास ऐसे निशान मिले थे जिससे उनका मुंह दबाए जाने के लक्षण लग रहे थे। उन्होंने मुंह दबाकर मारे जाने की तरफ इशारा किया।

पुलिस ने आईएएस की ठुड्डी, हाथ-पैर व घुटने पर आई चोटों के बारे में भी सवाल किए। डॉ. बृजेश ने हर चोट की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

आईएएस ने नहीं पी थी शराब

डॉ. श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि आईएएस ने मौत से पहले शराब नहीं पी थी। उन्होंने बताया कि अत्यधिक मात्रा में शराब पीने से भी शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और व्यक्ति की मौत तक हो सकती है। शव के पोस्टमार्टम में उनके पेट में शराब नहीं पाई गई।

केजीएमयू के फोरेंसिक प्रभारी का बयान होगा अहम
इस मामले में केजीएमयू के फोरेंसिक डिपार्टमेंट के प्रभारी डॉ. अनूप कुमार वर्मा का बयान सबसे अहम होगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की वजह लिखने के बाद प्रश्नवाचक चिह्न क्यों लगाया गया? यह डॉ. वर्मा ही स्पष्ट कर सकते हैं। सीओ का कहना है कि उनके बयान के बाद आईएएस की मौत का राज काफी हद तक सुलझ सकता है।
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मोबाइल फोन, लैपटॉप और आईपैड की फिर से होगी पड़ताल

सीओ ने बताया कि आईएएस के मोबाइल फोन, लैपटॉप और आईपैड की फिर से पड़ताल की जाएगी। पुलिस ने शुरुआती छानबीन के बाद यह सामान उनके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया था।

एसआईटी जल्द ही उनका मोबाइल फोन, लैपटॉप व आईपैड खंगालेगी। इनकी फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है।

गौरतलब है कि आईएएस के मोबाइल फोन से कॉल डिटेल, मैसेज, वॉट्सएप मैसेज और ई-मेल सहित कई जानकारियां डिलीट कर दी गई थीं। फोरेंसिक एक्सपर्ट डिलीट किए गए डाटा की जानकारी हासिल कर सकते हैं अथवा उसे रिकवर कर सकते हैं।
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