प्रदेश में कई जगहों पर अपात्रों को किसान सम्मान निधि मिलने के मामले सामने आने के बाद कृषि विभाग ने इसकी जांच शुरू करा दी है। प्रशासन ने अपात्रों को स्वेच्छा से मिली राशि जमा करने का विकल्प दिया है। वे खुद भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से यह राशि जमा कर सकते हैं, अन्यथा भू-राजस्व की तरह आरसी काटकर वसूली होगी।
प्रदेश में वर्तमान में इस योजना के 2.32 करोड़ लाभार्थी हैं। इन दिनों योजना का लाभ पाने वालों के रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है। मुरादाबाद में 14 हजार आवेदकों के अपात्र होने के कारण उनका ऑनलाइन आवेदन रद्द कर दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इनमें से किसी के खाते में राशि नहीं भेजी गई।
गोंडा में 1200 अपात्रों को मिली राशि
जिले में इस योजना का लाभ पाने वालों में 1200 अपात्र शामिल हैं। इनमें से 626 अपात्रों की पहचान कर ली गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 450 अपात्रों ने ली गई राशि जमा कर दी है। कुल नौ श्रेणियों के किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं। इनमें आयकर दाता, 10 हजार से ज्यादा पेंशन पाने वाले, जनप्रतिनिधि, वकील, सीए व डॉक्टर आदि शामिल हैं।
वहां बैंक के आईएफएससी कोड संबंधी दिक्कतों के कारण एक लाख किसानों का भुगतान रोका गया है। पहले यह योजना आधार से लिंक नहीं थी। जून में इसे आधार से लिंक किया गया है। जांच कराई जा रही है। जो अपात्र मिले हैं, उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। - सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री