सवाल- कहीं इससे असमी बनाम बंगाली संघर्ष तो नहीं शुरू हो जाएगा?
जवाब- इसकी दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है। बंगाल के लोग और बांग्लाभाषियों का भी देश की सुरक्षा, स्वाभिमान और सम्मान के प्रति दूसरे नागरिकों की तरह ही नजरिया है। केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है। ऐसा नहीं हो पाएगा। कुछ नेता डर फैलाना चाहते हैं लेकिन सरकार असम और बंगाल दोनों ही जगह के लोगों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है।
सवाल- पाकिस्तान में इमरान खान के नेतृत्व में सरकार बनने से कश्मीर पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब- कश्मीर की स्थिति पहले से काफी बेहतर है। रोज आतंकी मारे जा रहे हैं। मानता हूं कि अभी वहां बहुत कुछ करने की जरूरत है। जहां तक इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार का सवाल है तो उम्मीद करता हूं कि वह सेना के इशारे पर काम नहीं करेगी। कश्मीर में आतंकियों का समर्थन नहीं करेगी।
सवाल- कई बार सरकार ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को चेताया लेकिन उसका असर नहीं दिखा?
जवाब- ऐसा नहीं है। पीएम मोदी के नेतृत्व में काम कर रही सरकार की नीतियों से दुनिया में भारत की साख बढ़ी है। पाकिस्तान अलग-थलग पड़ा है। आतंकियों के समर्थन पर दुनिया के कई देश पाकिस्तान पर उंगली उठा रहे हैं।
सवाल- पर, एससी व एसटी एक्ट और प्रमोशन में आरक्षण क्या अगड़ों व पिछड़ों में नाराजगी नहीं बढाएगी?
जवाब- ऐसा नहीं है। मोदी सरकार ने सभी के सम्मान और सरोकारों की चिंता की है। पिछड़ों और सामान्य वर्ग के लोगों के लिए योजनाएं शुरू की गई हैं। सरकार इन वर्गों के कमजोर लोगों को भी संरक्षण और मदद पर विचार कर रही है। भाजपा के लोग पूरी परिस्थिति जनता को बताएंगे। जहां तक मुस्लिम ध्रुवीकरण का सवाल है तो महागठबंधन होने के बावजूद इस बार विरोधी दलों की दाल गलने वाली नहीं है।