लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में जालसाज ने खुद को पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव के ड्राइवर के रूप में प्रचारित किया। इसके बाद कई लोगों को सचिवालय में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे।
दुकानदार की शिकायत पर जांच के बाद पुलिस ने वाहन चालक व उसकी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि मुंशीपुलिया के पास एक कांप्लेक्स में जनरल स्टोर चलाने वाले कृपाशंकर प्रजापति ने शिकायत में कहा कि 2016 में हरिश्चंद्र ने उसे बताया था कि उनका बेटा रमेश कुमार यादव सपा नेता व मंत्री शिवपाल सिंह यादव की गाड़ी चलाता है।
इंटरमीडिएट तक पढ़े कृपाशंकर को सचिवालय में चपरासी या चकबंदी विभाग में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर रमेश से मुलाकात कराई। आरोप है कि रमेश ने नौकरी का आश्वासन देकर कृपाशंकर से 7.50 लाख रुपये ऐंठ लिए।
इसके बाद 12 मई 16 को कृपाशंकर को कौशांबी में चकबंदी विभाग में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार का पत्र थमाया। वह 25 अगस्त को कौशांबी पहुंचा तो पत्र फर्जी होने पर उसे लौटा दिया गया।