वाराणसी के शीतलाघाट पर जिस बम से विस्फोट कराया गया, उसे पास ही शमशान घाट पर एसेंबल किया गया। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के कमांडर यासीन भटकल ने इस बात की जानकारी एटीएस के अधिकारियों को दी है।
एनआईए के कब्जे में मौजूद यासीन व उसके साथियों से एटीएस ने अभी तीन दिन तक पूछताछ की, जिसमें उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
यासीन और उसका साथी असदुल्ला उर्फ हड्डी एनआईए को यह बता चुके हैं कि शीतला घाट के लिए विस्फोटक का इंतजाम दरभंगा, बिहार में किया गया था।
करना चाहता था बड़ा विस्फोट
यहां से वह इस विस्फोटक को पटना लाए और पटना से बस के जरिये वाराणसी लाए थे। वाराणसी में पहले शीतला घाट की रैकी और आस-पास के इलाके को परखा। एटीएस के अफसरों की मानें तो यासीन ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ शीतला घाट से कुछ ही दूरी पर शमशान घाट चला गया।
यहां बैठकर इन लोगों ने विस्फोटक में सर्किट व बैट्रियां लगाकर बम तैयार कर लिया। बम तैयार करने के बाद वे शीतला घाट गए। असदुल्ला घाट पर बम रखने गया, लेकिन एक डिटोनेटर उसके हाथ में ही फट गया, जिससे वह घायल हो गया था।
असदुल्ला के साथ तहसीन अख्तर उर्फ मोनू था। यासीन ने बताया कि वह अपने साथी वकास के साथ कुछ दूरी पर मौजूद था और बाद में वह लोग अलग-अलग रास्ते होकर निकल गए थे।
उसने यह भी जानकारी दी कि उनकी नीयत यहां बड़ा विस्फोट करने की थी, लेकिन कुछ असद के जख्मी होने और उन्हें कुछ शक होने की वजह से सही समय पर विस्फोट नहीं किया जा सका।
पुलिस ने रिमांड के लिए दी अर्जी
आतंकियों से पूछताछ करने दिल्ली गई एटीएस की टीम ने तीन दिन तक पूछताछ करने के बाद यासीन समेत चारों आतंकियों को रिमांड पर हासिल करने के लिए अर्जी दे दी है।
लेकिन उनसे पहले महाराष्ट्र व राजस्थान पुलिस ने यासीन व अन्य आतंकियों को रिमांड पर लेने के लिए पहले से ही अर्जी दे रखी है। एटीएस अफसरों का कहना है कि वह यासीन आदि को पूछताछ के लिए पहले देने की गुजारिश कर रहे हैं।
लेकिन अन्य राज्यों द्वारा पहले ही दरख्वास्त लगा दिए जाने से अब आतंकियों को रिमांड पर हासिल करने में कुछ समय लगने की संभावना है। टीएस इन आतंकियों को रिमांड पर लेने के बाद इन्हें लेकर वाराणसी में मौके का मुआयना व घटनाक्रम की तस्दीक करने के लिए ले जाएगी।